शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ अनिश्चितकालीन मोर्चा शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी अपना मोर्चा शुरू 31 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास करके अकाल पुरख से आर्शीवाद लेकर एक सितंबर से शुरू करेगी।
चंडीगढ़ पार्टी कार्यालय में कोर कमेटी, वर्किंग कमेटी, हलका इंचार्ज और जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक के बाद शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मोर्चा पंजाब के किसानों, खेत मजदूरों, व्यापारियों और पंजाबी समाज के अन्य वर्गों की सुरक्षा को समर्पित है।
1 सिंतबर को सुखबीर बादल मोहाली के अंब साहिब गुरुद्वारे से पहले जत्थे की अगुवाई करेंगे और पास के पंचायत भवन में बने अरविंद केजरीवाल के आवास तक मार्च करेंगे। इसके बाद पंजाब के सभी हलके से पार्टी कार्यकर्ता 500-500 लोगों के जत्थों में उसी जगह से अनिश्चितकाल तक तब तक मार्च में भाग लेंगे, जब तक कि आप सरकार लैंड पूलिंग योजना को रद्द नहीं कर देती। इसके लिए डॉ. दलजीत सिंह चीमा, एनके शर्मा और मोहाली जिलाध्यक्ष परमिंदर सिंह सोहाना की एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
बादल ने घोषणा की कि अगर आप सरकार अपने नापाक मंसूबों पर कायम रही तो 2027 में पार्टी राज्य का कार्यकाल संभालने के बाद जमीन हड़पने की योजना को रद्द करने के फैसले पर एकमत है। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए एक विशेष कानून बनाकर पूरी अधिग्रहित जमीन किसानों को वापिस लौटाएंगे। जिस तरह वर्ष 2016 में प्रकाश सिंह बादल ने सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के निर्माण के लिए इस्तेमाल की गई जमीन को उनके मालिकों को वापस सौंप दिया गया था।
सुखबीर बादल ने पार्टी छोड़ चुके अकाली नेताओं से अपील की कि वे शुक्रवार को अकाल तख्त साहिब की अपील के अनुरूप कौम की भलाई के लिए अपनी मां पार्टी में वापिस आ जाएं। बादल ने कहा कि मैंने हमेशा अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का पालन किया है। मेरा मानना है कि सिंह साहिबान के निर्देशों का पालन करना हर सिख का परम कर्तव्य है। मैं पार्टी से अलग हुए अकाली नेताओं से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि वे पंथ और पंजाब को मजबूत करने के लिए अपनी बुनियादी पार्टी में वापिस आ जाएं। उनसे यह भी अपील करता हूं कि अगर मैंने उन्हें किसी भी तरह से ठेस पहुंचाई है तो वे मुझे माफ कर दें और इस महत्वपूर्ण मोड़ पर ‘जत्थेबंदी’ को मजबूत करने का आग्रह करता हूं।