शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की कोर कमेटी की बैठक में भाजपा-आप पर गंभीर आरोप लगाए गए। पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि जिस तरह दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और हरियाणा में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भंग करने को लेकर साजिशें रची गईं, उसी तरह अब केंद्र की भाजपा सरकार, आरएसएस और पंजाब की आम आदमी पार्टी एसजीपीसी पर कब्जे के लिए साजिशें रच रही हैं। चीमा ने कहा कि इसको लेकर उनके पास पुख्ता सबूत भी हैं।
बता दें कि शिअद सुधार लहर ने एसजीपीसी चुनाव में बीबी जागीर कौर का नाम प्रस्तावित किया है। इस पर सुधार लहर और शिअद के बीच सियासी घमासान जारी है। सियासी घमासान के बीच शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने ऑपरेशन नागपुर को हवा देते हुए एसजीपीसी चुनावों को लेकर बड़े आरोप लगाए हैं। मजीठिया ने कहा कि अब भाजपा और आप मिलकर एसजीपीसी चुनाव में बीबी जागीर कौर का समर्थन कर रहे हैं। यह आरोप बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दाैरान लगाए। उन्होंने कहा कि कोर कमेटी को एसजीपीसी सदस्यों से जानकारी मिली है कि आप सरकार के इशारे पर भाजपा के पदाधिकारियों के साथ-साथ पंजाब सरकार के अधिकारियों की ओर से बीबी जागीर कौर की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए उनसे संपर्क किया जा रहा है।
मजीठिया ने कहा कि बीबी जागीर कौर को यह भी बताना चाहिए कि क्या वह एसजीपीसी चुनाव लड़कर श्री अकाल तख्त साहिब के वर्चस्व को चुनौती दे रही हैं, जबकि उनके आचरण पर सुप्रीम निकाय ने सवाल उठाया था। कोर कमेटी की बैठक में गुलजार सिंह रणीके, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा, जनमेजा सिंह सेखों, शरनजीत सिंह ढ़िल्लों, बिक्रम सिंह मजीठिया, हीरा सिंह गाबड़िया, इकबाल सिंह झूंदा, गुरबचन सिंह बब्बेहाली, लखबीर सिंह लोधीनंगल, एनके शर्मा, मंतर सिंह बराड़, सोहन सिंह ठंडल, हरमीत सिंह संधू, सरबजीत सिंह झिंझर, बीबी हरगोबिंद कौर, अर्शदीप सिंह कलेर भी शामिल थे।सीएम और मंत्री पर दर्ज होना चाहिए केस
प्रदेश में धान की खरीद को लेकर किसान, आढ़तियों और राइस मिलर्स की समस्याओं पर भी कोर कमेटी ने चर्चा की। इस पर मजीठिया ने बताया कि कोर कमेटी की ओर से यह मांग की गई है कि सीएम और संबंधित मंत्री के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए, क्योंकि प्रदेश सरकार की उचित व्यवस्था न होने की वजह से किसानों, आढ़तियों और मिलर्स को नुकसान हो रहा है। मजीठिया ने कहा धान की खरीद करने में विफल रहने और किसानों के लिए मुश्किलें पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलकर उन्हें स्थिति से अवगत कराएगा।