पंजाब में लंबे समय से पार्टी दो धड़ों में बटी है। नए प्रभारी सचिन पायलट के सामने दोनों खेमों को एकजुट करना चुनौती है। हालांकि सचिन पायलट बघेल के फॉर्मूले पर नहीं चलेंगे। वो राहुल, प्रियंका और खरगे के नाम पर नेताओं को एकजुट करेंगे। इसके लिए पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेसियों से चर्चा की जा रही है। साथ ही दावा है कि चन्नी चुनावी अभियानों में पूरा समर्थन देंगे।
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट को राहुल गांधी ने सूबे के वरिष्ठ कांग्रेसियों के बीच चल रहे मतभेदों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। राहुल ने पायलट से कहा है कि पार्टी को पंजाब के लोगों के लिए काम करना है और पंजाब के मतदाता उम्मीद करते हैं कि कांग्रेस उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरे।
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राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान पंजाब में समय बिताने की इच्छा भी जाहिर की है। इसी के चलते कांग्रेस की विशेष टीमें राहुल गांधी की पंजाब में चुनावी यात्रा शुरू करने के लिए तैयारियों में जुटी हैं मगर इससे पहले राहुल और प्रियंका गांधी चाहते हैं कि पंजाब में पार्टी के सभी नेता एकजुट होकर और सामूहिक रूप से काम करें।
पायलट मंगलवार को प्रियंका व राहुल से मिले थे। राहुल और प्रियंका की ओर से दी गई इस जिम्मेदारी ने सचिन पायलट की चुनौतियों और बढ़ा दी हैं। इसके चलते पायलट अब राहुल, प्रियंका और खरगे के नाम पर पंजाब में कांग्रेसियों को एकजुट करना चाहते हैं। पायलट ने पंजाब के सभी कांग्रेसियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कई वरिष्ठ नेताओं से पायलट ने दिल्ली में मुलाकात भी कर ली है।
दोनों धड़ों को एकजुट करना आसान नहीं
पायलट जानते हैं कि सूबे में पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के धड़ों को एकजुट करना आसान नहीं है। इसी नाकाम कोशिश की वजह से कुछ दिन पहले ही हाईकमान ने पूर्व प्रभारी भूपेश बघेल को बदला है इसलिए पायलट इसके लिए बघेल के फॉर्मूले को नहीं अपनाएंगे।
दरअसल, बघेल ने वरिष्ठ कांग्रेसियों के बीच मतभेद और गुटबाजी को खत्म करने के लिए दो चरणों में प्रयास किए थे। वे सभी नेताओं से मिले और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उनकी राय भी ली। इस दौरान उन्होंने चन्नी और वड़िंग दोनों नेताओं के पक्ष-विपक्ष में काफी बातें व मशविरे सुने।
उनकी सभाओं में चन्नी गुट के समर्थकों ने हंगामे भी किए। इन परिस्थितियों के बावजूद बघेल न केवल प्रदेश नेतृत्व न बदले जाने की जिद पर ही अड़े रहे और बल्कि इस संदर्भ में सार्वजनिक रूप से बयान भी देते रहे, जिस वजह से चन्नी गुट के नेताओं में नाराजगी और बढ़ती गई।
नेताओं में है मतभेद : पायलट
सचिन पायलट ने दावा किया है कि चन्नी समेत राज्य में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले एकजुट होकर काम करने का भरोसा दिया है। पंजाब सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
वे पंजाब के लगभग सभी शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। निश्चित रूप से विचारों में मामूली मतभेद हैं लेकिन हम यह चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में मिलकर लड़ेंगे। राहुल, प्रियंका और मल्लिकार्जुन खरगे चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे।
पायलट ने कहा, उनकी चन्नी के साथ सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई है। उन्होंने मुझे भरोसा दिया है कि वह चुनाव के लिए पार्टी के प्रयासों को अपना पूरा समर्थन देंगे। चन्नी को याद है कि राहुल गांधी ने उनके लिए क्या किया था। हमारी मुलाकात में उन्होंने खुलकर बात की और भरोसा दिया कि वह पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।