पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं थम रही। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत हो रही कांग्रेस की बैठकों में नारेबाजी से बगावत गहरी होने के संकेत मिल रहे हैं। रविवार को बरनाला और मानसा में हुई बैठक में भी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाए।
बरनाला में आयोजित बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और बरनाला के विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों मौजूद थे। पूर्व मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका और रजिया सुल्ताना भी उपस्थित थे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। भूपेश बघेल ने पार्टी को जमीनी स्तर पर संगठित करने पर जोर दिया। राजा वड़िंग ने कहा कि कार्यकर्ता को अपने नेता के समर्थन में नारे लगाने का अधिकार है। उन्होंने चन्नी को सम्मानित नेता बताया लेकिन आशंका जताई कि नारे लगाने वाला व्यक्ति किसी अन्य दल से भी हो सकता है।
इस बैठक में कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। हालांकि, चन्नी समर्थकों की नारेबाजी ने पार्टी के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों और खींचतान की चर्चाओं को हवा दी। डॉ. राज कुमार वेरका ने गुटबाजी से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और छोटे-मोटे मतभेद जल्द दूर कर लिए जाएंगे।
चन्नी समर्थकों की नारेबाजी पर वड़िंग बोले, चन्नी हमारे लीडर
वहीं मानसा में हर बूथ कांग्रेस मजबूत मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के संबोधन के समय चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। शुरुआत में वड़िंग ने व्यवधान डालने वालों को बाहर जाने को कहा। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना रुख नरम करते हुए चन्नी को अपना नेता बताया और समर्थकों को नारे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया।
भूपेश बघेल ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की। बाद में उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस में सभी गुटबाजी खत्म कर दी जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी एकजुट है और हाईकमान का आदेश सभी के लिए सर्वोपरि है।
इस कार्यक्रम में दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि मुझे कांग्रेस होने का किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। हम कांग्रेस पार्टी में नए नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने चुनाव नहीं हारा, बल्कि जिंदगी भी हार गया। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस हाईकमान के नेता आते हैं वे हर किसी को थापी देकर चले जाते है बल्कि होना यह चाहिए कि किसी एक कांग्रेसी नेता थापी देकर आगे लगाया जाए और वह डटकर काम करे, बाकी उसका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उन के परिवार की फैन फालिंग प्रधान मंत्री के बराबर है, जबकि प्रत्येक नेता की कम है। इस मौके ब्रह्म महिंद्रा, डॉ. राजकुमार वेरका, विक्रम मोफर, रणजीत दोदड़ा, गुरप्रीत सिंह विक्की, सुरेश नंदगढ़िया व अर्शदीप गगोवाल भी माैजूद रहे।