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Chandigarh: स्वच्छता के सिपाही कैसे बने पद्मश्री इंदरजीत सिद्धू, अमेरिका में बेटे ने हाथ पकड़ा तो बदली सोच

Wed, 01 Jul 2026 01:24 PM IST
Nivedita नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

 इंदरजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि स्वच्छता अभियान किसी पुरस्कार के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ की स्वच्छता की सराहना की थी।
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इंदरजीत सिद्धू को सम्मानित करते इलाके के लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू ने सम्मान समारोह में स्वच्छता से जुड़ा एक ऐसा संस्मरण साझा किया जिसने उनकी जिंदगी की सोच बदल दी। 

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उन्होंने बताया कि अमेरिका में बेटे ने कार की खिड़की से कूड़ा बाहर फेंकने से रोकने के लिए उनका हाथ पकड़ लिया था। उसी पल उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और तभी से उन्होंने स्वच्छता को जीवन का मिशन बना लिया।

सेक्टर-49 स्थित सिद्धू के आवास पर आयोजित समारोह में सेक्टर-49 की विभिन्न सोसाइटियों के निवासियों ने उनका सम्मान किया। इस अवसर पर अमित राणा, गौरव गोयल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

बेटे ने कहा-क्या मेरा चालान करवाओगे

सिद्धू ने बताया कि पोते के जन्म के बाद वह अमेरिका में बेटे के पास गए थे। एक दिन परिवार के साथ घूमने निकले। रास्ते में पकौड़ियां और अन्य खाद्य सामग्री खाने के बाद जैसे ही उन्होंने खाली लिफाफा कार की खिड़की से बाहर फेंकने के लिए हाथ बढ़ाया तो बेटे ने तुरंत उनका हाथ पकड़ लिया। बेटे ने कहा, "क्या मेरा चालान करवाओगे? इसे बाहर मत फेंको, मुझे दे दो।"

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उन्होंने कहा कि पहले तो उन्हें अजीब लगा कि उनका सम्मान करने वाले बेटे ने ऐसा क्यों किया लेकिन अगले ही पल महसूस हुआ कि गलती उनकी थी। उन्होंने माना कि सड़क पर कूड़ा फेंकना नागरिक जिम्मेदारी के खिलाफ है। उसी घटना ने उन्हें स्वच्छता का असली महत्व समझाया।

सिद्धू ने कहा कि उस समय उनके मन में सवाल उठा कि भारत में भी लोग सार्वजनिक स्थानों को अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं मानते। उन्होंने कहा कि हमारे यहां लोग बिना झिझक सड़क पर कूड़ा फेंक देते हैं। इसी सोच को बदलने के लिए उन्होंने स्वच्छता अभियान से जुड़ने का फैसला किया।

अब सैर नहीं, कूड़ा उठाने निकलता हूं

इंदरजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि स्वच्छता अभियान किसी पुरस्कार के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ की स्वच्छता की सराहना की थी। उन्होंने लोगों से पॉलीथिन का उपयोग कम करने, कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और अपने आसपास का क्षेत्र साफ रखने की अपील की। उनका कहना है कि अब वह सुबह सैर करने नहीं बल्कि सड़क पर पड़ा कूड़ा उठाने निकलते हैं।

लोग हंसते थे, मैंने काम नहीं छोड़ा

सिद्धू ने कहा कि शुरुआत में लोग उनका मजाक उड़ाते थे। हाथों से कूड़ा उठाने पर ताने भी देते थे लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं और जल स्रोत लगातार घट रहे हैं। ऐसे में स्वच्छता केवल आदत नहीं बल्कि पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग कूड़ा फैलाते हैं उनका भी धन्यवाद क्योंकि उसी से उन्हें शहर को साफ रखने का अवसर मिलता है। एनसीसी के दिनों से ही सफाई उनकी दिनचर्या का हिस्सा रही है।

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