पंजाब में संपत्तियों की रजिस्ट्री को लेकर सीएम भगवंत मान ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम मान ने बुधवार को लुधियाना में इसको लेकर मंच से घोषणा की। अब संपत्तियों की रजिस्ट्री राज्य के सेवा केंद्रों पर भी होगी। लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए कचहरी के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
सीएम मान ने संपत्तियों की रजिस्ट्री में भ्रष्टाचार के पुराने मामलों पर एक बार फिर कड़क तेवर दिखाए। मान ने कहा कि वह किसी को भी करप्शन का लाइसेंस नहीं देंगे। सीएम ने कहा कि अगले 15 से 20 दिन में संभावित जून के पहले सप्ताह से राज्य के सेवा केंद्रों पर संपत्तियों की रजिस्ट्री शुरू हो जाएगी। इसको लेकर ट्रायल जारी है। अब सेवा केंद्रों पर ही रजिस्ट्री लिखी जाएंगी। केवल संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान कचहरी में जाकर फोटो करवानी होगी। सीएम ने कहा कि रजिस्ट्री के लिए अब लोगों को न कचहरी और न ही सेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ेंगे। अब राजस्व विभाग के अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी, रजिस्ट्री लाभार्थी के घर तक विभाग खुद पहुंचाएगा।
पंजाबी भाषा में आसान शब्दों में लिखी जाएगी रजिस्ट्री, उर्दू का नहीं होगा इस्तेमाल
सीएम मान ने कहा कि रजिस्ट्री लिखते समय अब प्राथमिक तौर पर पंजाबी भाषा में सरल शब्दों में लिखी जाएगी। उर्दू के शब्दों का उपयोग नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि जिन लोगों को अंग्रेजी या हिंदी में रजिस्ट्री चाहिए, उन्हें विकल्प मुहैया कराया जाएगा। रजिस्ट्री सरल शब्दों में लिखी जाएगी, ताकि कोई भी आम व्यक्ति रजिस्ट्री पढ़कर अपनी संपत्ति का ब्योरा जान सके।
कई अन्य सेवाएं ऑनलाइन की जाएंगी
सीएम ने कहा कि सरकार के अधीन कुछ ऐसे विभाग हैं, जिसके लिए लोगों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए अब भी विभागों के धक्के खाने पड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सेवाओं को चिन्हित किया जा रहा है, आने वाले दिनों में 30 से 40 नई सेवाएं ऑनलाइन की जाएंगी। ताकि लोगों को डोर स्टेप पर ही सुविधा उपलब्ध हो और लोग घर बैठे ऑनलाइन माध्यम के जरिए सेवा का लाभ उठा सके।