ये था मामला
बीते 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में ‘विजय शंखनाद’ रैली को संबोधित किया था। दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नामक संगठन के सदस्यों ने वहां शुद्धिकरण हवन किया। संगठन का दावा है कि मैदान धार्मिक स्थल है, रैली में आपत्तिजनक नारे लगे और गंदगी छोड़ी गई थी, इसलिए शुद्धिकरण किया गया।
कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित होने के कारण जातिगत अपमान और छुआछूत का मामला बताया। खड़गे ने खुद राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया और अस्पृश्यता अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। बीजेपी ने संगठन से किसी भी लिंक से इनकार किया है। जेपी नड्डा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जांच का आश्वासन दिया था।
हालांकि उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बाद में शुद्धिकरण का बचाव करते हुए कहा कि रामलीला मैदान को नारों से प्रदूषित किया गया था। राजा वड़िंग के पोस्ट के अनुसार अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस विवाद पर कांग्रेस नेताओं सहित राहुल गांधी ने भी कार्रवाई की मांग की है।