ढाणियों में फंसे लगभग 250 ग्रामीण, लंगर के लिए लड़ रहे
फिरोजपुर के सीमांत गांव किलचे के आसपास बहुत ढाणियां हैं, जहां पर लगभग में 250 ग्रामीण फंसे हुए हैं वहां तक कोई मदद नहीं पहुंच रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए लंगर पूरा नहीं पहुंचने के चलते लोग झगड़ते हैं। ये हाल फिरोजपुर में बन चुके हैं। धान की फसल सौ फीसदी खराब हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव पल्ला मेघा की तरफ बांध के दूसरी तरफ तकरीबन 25 फुट गहरा पानी खड़ा है बांध मजबूती को कोई मदद नहीं पहुंच रही है। ये बातें बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने कहीं है।
ग्रामीण मुख्तियार सिंह वासी किलचे ने कहा कि यहां खेतों में आठ फुट पानी भरा हुआ है। जबकि घरों में चार फुट पानी भरा है। लोग मकानों की छतों पर बैठकर रातें गुजार रहे हैं। कुछेक लोग गुरुद्वारे में आकर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल सौ फीसदी खराब हो चुकी है। कोई भी मदद को नहीं आ रहा है।
ग्रामीण मान सिंह वासी पल्ला मेघा का कहना है कि 15 दिनों से हालात बहुत ज्यादा खराब हुए हैं। हरिके हेड से ढ़ाई लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा जा रहा है। पल्ला मेघा के पास काफी पानी आया हुआ है। 10 से 12 फुट पानी गांव में भरा है। बांध को वह सही करने में जुटे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियां लगाकर मिट्टी डालने का कार्य कर रहे हैं। कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। खुद ग्रामीण धनराशि इक्ट्ठी कर बांध मजबूत करने में लगे। जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सेना और बीएसएफ उनकी पूरी मदद कर रही है।