राहुल गांधी, चरणजीत चन्नी और भूपेश बघेल
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कांग्रेस में बगावत पर राहुल गांधी खासे नाराज हैं। सूबे में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेताओं के विद्रोह ने हाईकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हाईकमान ने रायपुर से विधानसभा सत्र बीच में छुड़वाकर पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल को दिल्ली तलब कर लिया है। राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 16 जुलाई को पंजाब के नाराज नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
दिल्ली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी, नेतृत्व विवाद और साल 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर समीक्षा की गई। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। बघेल ने सोमवार को अपने पंजाब दाैरे की रिपोर्ट हाईकमान को साैंपी थी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थकों की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर उठाए गए सवालों पर चर्चा हुई। इस दाैरान पार्टी नेतृत्व ने संगठन में बढ़ती खींचतान को गंभीर माना। राहुल और खरगे ने विधानसभा चुनाव से पहले इस पर खासी नाराजगी जाहिर की।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेतृत्व में बदलाव की संभावनाओं पर भी विचार हुआ। हालांकि बैठक के बाद इस संदर्भ में अभी किसी फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। इसके अलावा हाईकमान ने बैठक में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करने, संगठन को मजबूत करने और आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने पर भी विमर्श हुआ।