सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार सुबह से ही चंडीगढ़ के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु सुबह तड़के ही मंदिरों में पहुंचने लगे।
हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने भी विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया। शिवालयों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
अधिकतर कांवड़िए दोपहर बाद भगवान का जलाभिषेक करेंगे।
शहर के सेक्टर-45 स्थित गौरी शंकर सेवादल के शिवालय में शिव भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर, श्री महाकाली मंदिर सहित शहर के अन्य मंदिरों में भगवान का जलाभिषेक हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई मंदिरों में कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं।
चार प्रहर में होगी भगवान शिव की पूजा
सेक्टर-18 स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी एवं श्री देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ के अध्यक्ष डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सावन की शिवरात्रि पर भगवान शिव की चार प्रहर पूजा का विशेष महत्व है। प्रथम प्रहर की पूजा शाम 7:04 बजे से रात 9:46 बजे तक, द्वितीय प्रहर की पूजा रात 9:47 बजे से 12:28 बजे तक, तृतीय प्रहर की पूजा रात 12:29 बजे से 3:10 बजे तक और चतुर्थ प्रहर की पूजा रात 3:11 बजे से सुबह 5:53 बजे तक होगी।
उन्होंने बताया कि शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु रात्रि जागरण कर चारों प्रहर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
कांवड़ियों ने चढ़ाया हरिद्वार का गंगाजल
हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का अभिषेक किया। कांवड़ियों ने मंदिर पहुंचकर पहले पूजा-अर्चना की और इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया। मंदिरों के आसपास सुबह से ही बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे। बड़ी संख्या में कांवड़िए दोपहर बाद भद्रा समाप्त होने के बाद गंगालाल से अभिषेक करेंगे।
सिद्धि योग में मनाई जा रही शिवरात्रि
इस बार सावन की शिवरात्रि सिद्धि योग में मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं में शिवरात्रि को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना और शाम से रात्रि तक विशेष धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे।