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पंजाब में नशे पर सवाल पूछना मना है?: जनसभा में चुप कराने से आहत व्यक्ति ने दी जान, क्या है पूरा मामला

Tue, 08 Sep 2026 03:11 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला

सार

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा की रविवार को दिड़बा के गांव तूरबंजारा में एक जनसभा थी। इसी दाैरान एक शख्स को अपनी बात नहीं रखने दी गई। इस पर वह इतना आहत हो गया कि घर जाकर जहर खा लिया। उसकी माैत हो गई है। 
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गुलजार सिंह ने जान दी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संगरूर के दिड़बा हलके के गांव तूरबंजारा में नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत हो गई है। परिजनों ने सार्वजनिक अपमान और पुलिस द्वारा माफी मांगने के दबाव को उनकी मौत का कारण बताया है। यह घटना वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की जनसभा के दौरान हुई।
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गांव तूरबंजारा में रविवार को वित्त मंत्री की जनसभा थी। गुलजार सिंह ने इलाके में फैल रहे नशे के कारोबार पर अपनी बात रखनी चाही। उन्हें सभा में चुप कराकर बाहर निकाल दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस प्रशासन ने भी उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया।

इस अपमान और दबाव से आहत होकर गुलजार सिंह ने सोमवार दोपहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले संगरूर, फिर पटियाला और अंत में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाया गया। सोमवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज एफआईआर में बलजीत सिंह और उसकी पत्नी सरपंच बलजिंदर कौर, सुखदीप सिंह, रिंकू सिंह, साम सिंह का नाम है। सभी पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 तथा एससी/ एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

परिजनों के आरोप
परिजनों के अनुसार, रविवार को वित्त मंत्री की जनसभा में गुलजार सिंह ने नशे के कारोबार पर सवाल उठाया था। उन्हें तुरंत चुप कराकर सभा से बाहर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उन पर माफी मांगने का मानसिक दबाव बनाया। सार्वजनिक अपमान और पुलिसिया दबाव से वे गहरे मानसिक आघात में चले गए। इसी ठेस में उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया।

किसान संगठन ने की निंदा
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार के रवैये की निंदा की। उगराहां ने कहा कि सरकार को लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया। इस मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सुखपाल खैहरा ने वित्त मंत्री चीमा से मांगा इस्तीफा 

दिड़बा के गांव तूरबंजारा में दलित मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में राजनीति गहरा गई है। मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया।



खैहरा ने पंजाब सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर तीखे हमले किए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गुलजार सिंह ने खुदकुशी से पहले वित्त मंत्री का नाम लिया है, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की जा रही है। खैहरा ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि क्या हरपाल चीमा बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान से भी ऊपर हैं।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान तुरंत वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लें, उन पर मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब के दलित भाईचारे के साथ खड़े होते हैं या अपने मंत्री हरपाल चीमा को बचाने का प्रयास करते हैं। खैहरा ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पर अंतिम संस्कार करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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