फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम हो रही पंजाब की हरियाली: छह साल में 9.06 फीसदी घटा ट्री कवर, फॉरेस्ट कवर भी पहले से कम

Sat, 05 Jul 2025 12:07 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में वर्ष 2023 में 1.2 करोड़ पौधे लगाए गए थे, जबकि वर्ष 2024 में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया गया था। बावजूद इसके सुधार के कुछ खास परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।
विज्ञापन
यूपी की सीमाओं में दिखेगी हरियाली। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में पिछले छह साल में ट्री कवर 9.06 फीसदी घटा है। वन विभाग की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सबमिट रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
विज्ञापन


सूबे में 1 से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया रहा है, लेकिन इस रिपोर्ट ने पंजाब सरकार की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही फॉरेस्ट कवर भी पहले से कम हुआ है। एनजीटी ने सभी राज्यों से फॉरेस्ट कवर को लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017 में पंजाब का ट्री कवर 1622 वर्ग किलोमीटर था, जो वर्ष 2023 में कम होकर 1475.15 वर्ग किलोमीटर रह गया।

वन विभाग ने फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही पिछले छह साल का यह डाटा तैयार किया है, ताकि फॉरेस्ट और ट्री कवर को बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास शुरू किए जा सके। सरकार एक जापानी एजेंसी की मदद लेने के लिए भी काम कर रही है, ताकि इसमें कुछ परिणाम मिल सके। फिलहाल पिछले छह साल में ट्री कवर लगातार कम हो रहा है। यह हाल तब है, जब पंजाब सरकार प्रदेश का फॉरेस्ट और ट्री कवर बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने का दावा करती है। इसके लिए हर साल ही विशेष अभियान चलाया जाता है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ में वन महोत्सव: राजिंद्रा पार्क में 11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य, प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी पहुंचे

फॉरेस्ट कवर में पहले से सुधार, पर फिर आई मामूली कमी  

अगर फॉरेस्ट कवर को लेकर पिछले छह साल का रिकाॅर्ड चेक करें तो इसमें पहले से सुधार होना शुरू हुआ है, लेकिन वर्ष 2023 में फिर से इसमें मामूली कमी आई है। वर्ष 2021 में फॉरेस्ट कवर 1846.65 वर्ग किलोमीटर था, जो 2023 में घटकर 1846.09 वर्ग किलोमीटर हो गया है। अगर पिछले छह साल का रिकाॅर्ड देखें तो वर्ष 2017 में फॉरेस्ट कवर 1837 वर्ग किलोमीटर था, जो 2023 में बढ़कर 1846.09 वर्ग किलोमीटर हो गया है। फॉरेस्ट व ट्री कवर को लेकर हर दो साल बाद रिपोर्ट तैयार की जाती है।

केंद्र ने सुधार के लिए परियोजना को दी थी मंजूरी

केंद्र सरकार ने हाल ही में सुधार के लिए 792.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना के तहत वन अधीन क्षेत्र को 2030 तक 7.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही रेड जोन की पहचान के लिए जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) मैपिंग भी की गई है। इससे किन एरिया में पेड़ कम हैं, उनकी पहचान की जा रही है।

ट्री और फॉरेस्ट कवर में यह है अंतर

ट्री कवर एरिया भूमि के उस कुल क्षेत्र को कहा जाता है, जो पेड़ों से ढका हुआ है, भले ही पेड़ फॉरेस्ट इको सिस्टम का हिस्सा हों या नहीं। दूसरी तरफ फॉरेस्ट इको सिस्टम विशेष रूप से भूमि के उस क्षेत्र को कहा जाता है, जो फॉरेस्ट इको सिस्टम की ओर से कवर किया जाता है। इसमें पेड़, पौधे, जंगली झाड़ियां आदि शामिल हैं।

छह साल में इस तरह कम होता गया फॉरेस्ट और ट्री कवर

वर्ष                         फॉरेस्ट कवर                ट्री कवर (दोनों वर्ग किलोमीटर में)
2017                         1837                    1622
2019                         1848.63                1592
2021                         1846.65                1138
2023                         1846.09               1475.15
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें