विवाद की शुरुआत
कनाडा के एक होटल में एक व्यक्ति ने गुरु साहिबानों की तस्वीर के सामने शराब का गिलास लेकर आपत्तिजनक हरकत की। इसका वीडियो वायरल हुआ और आरोप लगे कि यह पुराना वीडियो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का है। सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने मान को तलब किया। उन्होंने इसे गुरुओं की बेअदबी से जोड़कर पूछताछ की। मान ने वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बना बताया और विधि विज्ञान जांच की बात कही।
जांच और हुकमनामा
श्री अकाल तख्त ने दो अधिकृत प्रयोगशालाओं से वीडियो की जांच करवाई। जांच में यह साबित हुआ कि वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से नहीं बनाया गया था। इसके बाद 15 जून को श्री अकाल तख्त ने इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री के खिलाफ एक सख्त हुकमनामा सुनाया। हुकमनामे के बाद भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने मान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। पंजाब सरकार ने भी इसी विवादित वीडियो की गुरुग्राम की प्रयोगशालाओं से जांच करवाई।
मुख्यमंत्री का पलटवार
पंजाब सरकार ने दावा किया कि वीडियो में आपत्तिजनक हरकत करने वाले व्यक्ति का कद, चाल-ढाल और शारीरिक गतिविधियां मुख्यमंत्री से मेल नहीं खाती हैं। प्रयोगशाला संचालक ने गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी कि पंजाब पुलिस के दो अफसरों ने 10 लाख रुपये देकर रिपोर्ट अपने ढंग से बनवाई। एक प्राथमिकी भी दर्ज हो गई जिसके बाद विरोधी और मुखर हो गए।
मुख्यमंत्री मान ने वीरवार को इसी से जुड़ा एक और वीडियो सार्वजनिक किया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी साजिश कनाडा में जबरन वसूली करने वाले जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा ने उनके कुछ सियासी विरोधियों के साथ मिलकर रची है। मान ने कहा कि इसमें एक व्यक्ति को उनकी शक्ल का मुखौटा पहनाकर आपत्तिजनक वीडियो शूट की गई है।