अभी वेबसाइट पर है सुविधा
इस संबंध में साइबर क्राइम पंजाब के एसपी जशनदीप गिल ने बताया कि अभी फिलहाल पंजाब पुलिस की बेबसाइट पर साइबर मित्र के नाम से चैटबॉट की सुविधा दी गई है, लेकिन अब विभाग की तरफ से व्हाट्सएप पर भी इस चैटबॉट को जारी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोई लिंक व आईडी संदिग्ध लगता है तो इस चैटबॉट पर लोग वेरिफाई कर सकेंगे। इसी तरह अगर अगर पंजाब पुलिस के किसी विभाग व बैंकिंग सेक्टर की ईमेल आईडी या नंबर चाहिए, वो भी इस चैटबॉट के जरिए प्राप्त किया जा सकेगा। बताया कि अक्तूबर 2024 में साइबर मित्र चैटबॉट को वेबसाइट पर लांच किया गया था और अब एक मोबाइल नंबर लेकर इसे व्हाट्सएप पर इंटिग्रेटेड किया जा रहा है।
तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के केस
आरबीआई के डाटा के अनुसार पंजाब में वर्ष 2019-20 में 1.23 करोड़ के 33, वर्ष 2020-21 में 1.42 करोड़ के 40, वर्ष 2021-22 में 3.58 करोड़ के 92 साइबर ठगी के केस हुए थे। इसके बाद ही 2022-23 में 3.61 करोड़ की ठगी के साथ केसों की संख्या बढ़कर 125 हो गई, जबकि वर्ष 2023-24 में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई और ठगी के केस 512 सामने आए, जिसके जरिए 15.39 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी हुई।
धोखाधड़ी होने पर 1930 पर तुरंत दें शिकायत
अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकता हैं। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे काम करता है। शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई की जाती है और जरूरत पड़ने पर बैंक के नोडल ऑफिसर से भी बात करके आगे ट्रांजेक्शन को फ्रीज कर दिया जाता है, ताकि शिकायतकर्ता के पैसे को बचाया जा सके। अब डिजीटल अरेस्ट के मामले भी बढ़ रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार की तरफ से अलग-अलग माध्यमों से लोगों को जागरुक किया जा रहा है कि वे इस तरह की धोखाधड़ी से बचें।
धोखाधड़ी से बचने के लिए बरतें ये सावधानी
- संदिग्ध नंबर से आने वाले कॉल, व्हाट्सएप कॉल, वीडियो कॉल, टेलीग्राम कॉल न उठाएं।
- अपनी निजी जानकारी आधार व बैंक खातों की डिटेल, पिन और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
- अगर कोई कॉल करके किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है तो ऐसी गलती से बचें।
- एप इंस्टॉल करने के लिए गूगल प्ले स्टोर, एपल एप स्टोर या अन्य अधिकारिक स्टोर का ही उपयोग करें।