मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप डीलर अकाश बत्ता ने 11 अक्टूबर को हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ रिश्वत मांगने और मंथली लेने की शिकायत दी थी। भुल्लर ने एक केस में कार्रवाई नहीं करने के एवज में 8 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी, इसके बाद वह हर महीने अपने बिचौलिये कृष्णू को भेजकर मुंह मांगी रकम वसूलते थे।
पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। वीरवार को भुल्लर को एक स्क्रैप डीलर से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में मोहाली से गिरफ्तार किया गया था।
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अलका मलिक की अदालत ने भुल्लर और बिचाैलिए को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। पेशी से पहले उनका मेडिकल करवाया गया। सीबीआई की विशेष अदालत में डीआईजी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कोर्ट इंसाफ करेगा। घर में मिले कैश, संपति और गहनों का सबका जवाब देंगे।
इससे पहले देर रात तक उनके आवास पर रेड जारी थी।
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सीबीआई चंडीगढ़ की 8 टीमों ने मामले में वीरवार को अंबाला, मोहाली, चंडीगढ़ और रोपड़ सहित 7 ठिकानों पर रेड की। डीआईजी भुल्लर के ऑफिस, घर, फार्म हाउस और अन्य ठिकानों को सीबीआई ने खंगाला। मोहाली स्थित कॉम्पलेक्स ऑफिस और चंडीगढ़ के सेक्टर-40 के मकान नंबर-1489 में सीबीआई की टीम सुबह से रिश्वत के मामले में जांच करती रही।
सीबीआई ने इस मामले में भुल्लर के बिचौलिये कृष्णू को भी गिरफ्तार किया है, जोकि डीआईजी के कहने पर स्क्रैप डीलर से उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में हर महीने मंथली वसूलने जाता था। सीबीआई चंडीगढ़ के एंटी करप्शन ब्यूरो ने वीरवार को बीएनएस-2023 की धारा-61(2) और पीसी एक्ट 1988 की धारा-7 व 7 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार डीआईजी भुल्लर की चंडीगढ़ कोठी से एक करोड़ से ज्यादा का कैश मिला है। यह कैश 3 बैग और एक सूटकेस में भरा हुआ था। यह कैश कुल कितना है इसकी सूचना अभी नहीं मिली है। फिलहाल कैश की गिनती की जा रही है। डीआईजी भुल्लर 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। डीआईजी भुल्लर के पिता महल सिंह भुल्लर पंजाब के डीजीपी रह चुके हैं।