किसानों को रोकने के लिए यूटी पुलिस तैयार
पंजाब के किसानों को चंडीगढ़ में घुसने से रोकने के लिए बुधवार को 2500 जवानों को तैनात किया जाएगा। आज 12 स्पेशल नाकों पर करीब 1200 जवानों के अलावा एसएचओ व डीएसपी को तैनात कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने की किसानों की धरपकड़ की निंदा
पंजाब सरकार की ओर से किसानों की धरपकड़ को लेकर केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर पोस्ट डाली और इस कार्रवाई की निंदा की है। बिट्टू का कहना है कि भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार ने पंजाब में आपातकाल जैसे हालात बना दिए हैं। पंजाब के किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी पोल खुलने के बाद अब वह किसान नेताओं पर पुलिसिया कार्रवाई कर रही है। जैसा कि हम बार-बार कह चुके हैं, मुख्यमंत्री ने राज्य को पुलिस राज्य में बदल दिया है और किसानों के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई बेहद निंदनीय है। यह पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को साफ तौर पर दर्शाता है।
फरीदकोट में कौमी किसान यूनियन के प्रांतीय प्रधान बिंदर सिंह गोलेवाला समेत 15 किसानों को हिरासत में लिया गया है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ब्लॉक अजनाला और जिला अध्यक्ष कश्मीर सिंह, ब्लॉक नेता जसपाल सिंह धनगाई, प्रगट सिंह चारपुर, रुपिंदर सिंह मदुछंगा, जिला नेता बाघेल सिंह कोट मुगल समेत सभी नेताओं के घरों पर पुलिस ने आज तड़के छापेमारी की। गांव वासियों ने पुलिस की घेराबंदी कर दी।
बरनाला से भारतीय किसान यूनियन कादियां के जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह छीनीवाल, सिकंदर सिंह मान, बीकेयू उगराहां के मास्टर हरदीप सिंह टलेवाल, जज सिंह गहल, क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिला नेता मंजीत राज, बीकेयू डकौंडा ब्लॉक शैहना के अध्यक्ष जगसीर सिंह सीरा को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
सीएम ने गुस्से में बीच में छोड़ी थी बैठक
वहीं सोमवार को किसानों के साथ बैठक को मुख्यमंत्री भगवंत मान गुस्से में बीच में ही छोड़कर चले गए थे। इसके बाद किसानों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा कर दी। वहीं, बैठक के बाद सीएम मान ने एक्स पर लिखा- चक्का जाम करना, रेल रोकना या पंजाब बंद करना किसी समस्या का हल नहीं है। इन सबसे आम लोगों को परेशान होना पड़ता है। समाज के बाकी वर्गों के कामकाज और कारोबार पर भी इसका असर पड़ता है, जिसका ख्याल रखना चाहिए।
राजेवाल बोले-सीएम को ऐसा बर्ताव शोभा नहीं देता
बैठक के बाद किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पिछली सरकारों के साथ भी उनकी बैठक हुई, लेकिन पहली बार किसी सीएम ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया है। वे गुस्से में बैठक छोड़कर चले गए। उन्हें ऐसा बर्ताव शोभा नहीं देता है। 5 मार्च को जो करना है कर लो, यह कहकर सीएम मान ने पूरे पंजाब के किसानों को चुनौती दी है। राजेवाल ने कहा कि अभी 18 में से कुल 8 मांगों पर ही अभी चर्चा हुई थी कि सीएम यह कहते हुए बैठक से निकलने लगे कि उनकी आंख ठीक नहीं है। राजेवाल ने कहा कि सीएम बिना किसी बात के भड़क गए, जबकि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की।
उगराहां बोले-समय नहीं था तो बता देते
वहीं, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सीएम मान के पास अगर समय नहीं था, तो उन्हें पहले ही बता देना चाहिए था। जब किसान कोई प्रोग्राम रखते हैं, तो सरकार बैठक के लिए बुलाती है। हमने यह कभी नहीं कहा कि सीएम ने डरकर बैठक बुलाई है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री का यह कहना गलत है कि मैं आपसे डरता नहीं हूं। उगराहां ने कहा कि 5 मार्च को पक्के मोर्चे के फैसले पर वह कायम हैं। अब मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वह हमें चंडीगढ़ आने देते हैं या नहीं। सरकार हमें घरों से भी हिरासत में ले सकती है। पहले बादल, कैप्टन व चन्नी के समय भी बैठकें हुई, लेकिन तरह से बैठक खत्म नहीं हुई। उगराहां ने कहा कि इस बात पर सहमति बनी गई थी कि धान की रोपाई 1 जून से शुरू की जाएगी, लेकिन अब यह मांग भी बीच में ही रह गई है, क्योंकि सीएम ने कहा है कि अगर 5 मार्च को किसान पक्का मोर्चा लगाएंगे, तो जितनी भी बातें पर सहमति बनी है, वो सब रद्द होंगी। बैठक में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां भी शामिल थे। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 37 यूनियनों के 40 पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
डल्लेवाल के समर्थन में कल देशव्यापी सांकेतिक भूख हड़ताल
खनौरी मोर्चे पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन 98वें दिन भी जारी रहा। ड्रिप के माध्यम से डल्लेवाल को मेडिकल सहायता दी गई। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के मुताबिक संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के देशभर के नेताओं की ऑनलाइन बैठक हुई है। बुधवार को डल्लेवाल के आमरण अनशन के 100 दिन पूरे होने पर देशभर के किसान जिला व तहसील स्तर पर 1 दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों से भूख हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला महापंचायतें होंगी।
किसानों को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या : वड़िंग
राज्य सरकार की ओर से चंडीगढ़ में धरने से पूर्व प्रदेश भर में किसानों को हिरासत में लेने पर सियासत गर्मा गई है। आप सरकार की इस कार्रवाई को गलत बताते हुए विपक्षी दल सरकार को घेर रहे हैं। मुक्तसर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि किसानों पर तड़के की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों पर यह कार्रवाई कर रहे हैं। मान केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। एक समय था जब आप कहती थी कि किसानों से अलायंस करके सरकार बनानी है। मगर अब किसानों को हिरासत में लिया जा रहा है। नशे के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई पर राजा वड़िंग ने कहा कि सरकार छोटे तस्करों के घरों को तोड़ रही है। बड़े मगरमच्छों पर हाथ डालने से डर रही है। उधर, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालकर लिखा है कि किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी करना सरकार की घटिया कार्रवाई है। राज्य के लोग मुख्यमंत्री मान को सबक सिखाएंगे। मुख्यमंत्री मान द्वारा किसानों से दुर्व्यवहार की माफी मांगने के बजाये उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।