पंजाब का किसान पाकिस्तान की जेल में बंद है। वहीं अब किसान को पाकिस्तान की अदालत ने कैद की सजा भी सुनाई है। ऐसे में किसान को जेल में ही रहना पड़ेगा।
फिरोजपुर के जलालाबाद के गांव खैरेके उताड़ के 23 वर्षीय किसान अमृतपाल सिंह डेढ़ महीने से पाकिस्तान में है। किसान अमृतपाल सिंह 15 जून को गलती से पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। इसके बाद उसे पाकिस्तान पुलिस की हिरासत में लिया था। परिवार ने केंद्रीय विदेश मंत्रालय से अमृतपाल को सुरक्षित स्वदेश लौटने की गुहार लगाई थी।
गांव खैरेके उताड़ के किसान अमृतपाल सिंह को पाकिस्तान की कोर्ट ने एक माह की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे 15 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। किसान अमृतपाल को इस्लामाबाद की जेल में रखा गया है। अमृतपाल के पिता जगराज सिंह ने बताया इस फैसले से उन्हें पर कुछ राहत मिली है, क्योंकि अदालत ने सजा पूरी होने के बाद उन्हें भारत वापस भेजने (डिपोर्ट) के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश भी दिए हैं।
खेतों में काम करने गया था अमृतपाल
फिरोजपुर जिले के खैरेके उताड़ गांव निवासी अमृतपाल सिंह 15 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अपने खेतों में काम करने गया था। उसका खेत सीमा पर कांटेदार बाड़ के पार बीएसएफ की निगरानी वाले क्षेत्र में स्थित है। अमृतपाल को शाम 5 बजे तक लौटना था बीएसएफ के गेट बंद करने तक अमृतपाल नहीं लौटा। बीएसएफ कर्मियों ने बाद में जांच की तो पता लगा की अमृतपाल अनजाने में सीमा पार कर गया है।
पाकिस्तानी रेंजर्स ने की थी पुष्टि
बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ तीन से चार बार फ्लैग मीटिंग की, लेकिन शुरुआत में रेंजर्स ने किसी अज्ञात व्यक्ति के सीमा पार करने की बात से इनकार किया। 27 जून को पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ को सूचित किया कि अमृतपाल स्थानीय पुलिस की हिरासत में है।
बेटी का पिता है अमृतपाल
अमृतपाल की शादी हो चुकी है और उनकी तीन महीने की बेटी है। उनके पास सीमा के पार 8.5 एकड़ जमीन है जिसमें परिवार खेती करता है। पिता जुगराज सिंह ने बताया कि अमृतपाल 15 जून को दोपहर में अपनी बाइक से खेत के लिए निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। बीएसएफ ने गेट को शाम होने से पहले दोबारा खोला और उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला।
सुबह 8 से शाम 5 बजे तक आने-जाने की अनुमति
बता दें कि गर्मी के महीनों में, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर और तरन तारन जैसे सीमावर्ती जिलों के किसानों को बीएसएफ की सख्त निगरानी में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कांटेदार बाड़ और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच बने "जीरो लाइन" क्षेत्र में अपने खेतों तक जाने की अनुमति है।
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