पंजाब में पड़ोसी राज्यों के नेताओं ने सियासी सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। भाजपा से हरियाणा के मुख्यमंत्री ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस ने सचिन पायलट को कमान सौंपी है। वहीं, आप नेता भी सूबे के मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं।
पंजाब में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के साथ अब पड़ोसी राज्यों के दिग्गज नेताओं ने भी सियासी मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा की ओर से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सक्रिय हैं तो कांग्रेस ने राजस्थान के सचिन पायलट को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता भी चुनावी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।
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आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अनुराग ढांडा भी सक्रिय हो गए हैं। राजस्थान से भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने भी बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। पड़ोसी राज्यों के नेताओं की बढ़ती सक्रियता से पंजाब की सियासत में हलचल और तेज हो गई है। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी लगातार पंजाब के विभिन्न हलकों का दौरा कर रहे हैं और नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं।
वह पिछले कुछ समय से पंजाब भाजपा में दर्जनों नेताओं को शामिल करवा चुके हैं। सैनी के जरिये भाजपा की हरियाणा बॉर्डर से लगती सीटों पर नजर है जहां भाजपा बड़े उलटफेर करने की उम्मीद लगाए बैठी है। हरियाणा के साथ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, संगरूर और लुधियाना जिले के विधानसभा के हलके लगते हैं। इन जिलों में हरियाणा के साथ 38 से अधिक विधानसभा सीटें लगती हैं।
इसी तरह हिंदू बहुल व शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा अपनी अच्छी पकड़ मानती है। यही कारण है कि ऐसी सभी सीटों पर भाजपा का विशेष फोकस है। इसी तरह सैनी तख्त श्री केसगढ़ साहिब में भी नतमस्तक हो चुके हैं।
इस दौरान उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की थी। वह पंजाब के सरपंचों से भी मिल चुके हैं और साथ ही डेराबस्सी और पटियाला समेत अन्य हलकों में आयोजित होने वाले अनेक समारोहों में भाग ले चुके हैं।
पंजाब भाजपा के नए प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने भी बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। राजस्थान से संबंध रखने वाले पूनिया लगातार बैठकें कर रहे हैं और नशे के खिलाफ भाजपा की यात्रा की तैयारियों में भी जुट गए हैं।
चुनाव से पहले गुटबाजी खत्म करना पायलट के जिम्मे
इसी तरह कांग्रेस हाईकमान किसी भी हालत में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी खत्म करना चाहती है। यही कारण है कि अब पार्टी ने सचिन पायलट को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है जिन्हें पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। वह 15 सितंबर को पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह चंडीगढ़ में कांग्रेस के एक प्रदर्शन का भी नेतृत्व करेंगे।
दरअसल, गुलजार सिंह की मौत के मामले में कांग्रेस आप सरकार को नशे के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। इस कारण कांग्रेस की तरफ से इस प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। प्रभारी का पद मिलने के साथ ही पायलट ने पंजाब के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखनी भी शुरू कर दी है और उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
आप नेताओं ने भी सक्रियता बढ़ाई, हर मुद्दों पर विपक्ष को घेर रहे
आप नेताओं ने भी सूबे में सक्रियता बढ़ा दी है। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल प्रदेश में कई धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं और साथ ही आने वाले दिनों में भी वह सूबे में बड़े समारोहों में आने की तैयारी कर रहे हैं। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा हरियाणा से हैं और वह भी पंजाब से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात रख रहे हैं।
हाल ही में पंजाब में एसआईआर की लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटने पर ढांडा ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरा था और आरोप लगाया था कि नियमों को ताक पर रखकर भाजपा चुनाव आयोग के जरिये एसआईआर में किसी का भी नाम जुड़वा-कटवा रही है।