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पंजाब चुनाव: जो चुनाव हारे, उनसे जानीं कमजोर कड़ियां; वरिष्ठ कांग्रेसियों को दो टूक; वड़िंग को मिली ये सलाह

Tue, 27 Oct 2026 09:18 AM IST
Sharukh Khan मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पंजाब में कमजोर कड़ियां मालूम करने के लिए चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों से चुनौतियां जानी। वेणुगोपाल ने वरिष्ठ कांग्रेसियों से दो टूक कहा कि मिलकर चलोगे तभी सरकार बनेगी और सीएम आप में से बनेगा। पार्टी द्वारा करवाए गए पंजाब में सर्वेक्षणों की रिपोर्टों पर भी चर्चा हुई। राहुल के बाद प्रियंका-खरगे भी आएंगे।
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Punjab Congress Strategy - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब में कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति को धार दे रही है। नए प्रभारी और नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब सूबे में वरिष्ठ नेताओं के दौरे शुरू होंगे लेकिन इससे पहले धरातल पर पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती दिखनी चाहिए। इसके लिए अब राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मोर्चा संभाला है।
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सोमवार को पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में चार स्तर की मैराथन बैठकों के दौरान उन्होंने पार्टी की एकजुटता और चुनावी रणनीति पर सबकी साझा राय पर जोर दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने पार्टी के उन नेताओं से भी फीडबैक लिया, जिन्होंने विभिन्न सीटों पर चुनाव लड़ा, मगर वे जीत नहीं पाए।
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केसी ने ऐसे नेताओं से उनकी हार के कारणों और उन सीटों की चुनौतियों के बारे में जानने का प्रयास किया, ताकि वहां की कमजोर कड़ियों और कमियों को दुरुस्त किया जा सके। केसी 25 अक्तूबर की देर शाम ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। सोमवार को उन्होंने कांग्रेस भवन में संगठनात्मक बैठकों का दौर शुरू किया। 

 

इन बैठकों में चुनावी तैयारी और वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय पर चर्चा की गई। विभिन्न चरणों की बैठकों में केसी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, महासचिवों, कार्यकारी अध्यक्षों, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों, राजनीतिक मामलों की समितियों और क्षेत्रीय प्रभारियों से रूबरू हुए।

 

केसी मौजूदा विधायकों से भी रूबरू हुए। एक कांग्रेसी विधायक ने बताया कि केसी की वन-टू-वन बैठक में उन्होंने आपसी समन्वय और एकजुटता पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने नेताओं की परेशानियां भी जानीं। कुछ नेताओं ने बताया कि अभी तक उन्हें संगठन में अपेक्षित तरजीह नहीं मिल रही थी। 

वे खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे थे, जिस वजह से उनके समर्थकों और क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में उत्साह की थोड़ी कमी है। कुछ विधायकों ने चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने की जरूरत बताई, लेकिन इस पर केसी ने साफ कहा कि चुनाव राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और हर वरिष्ठ कांग्रेसी हमारा सीएम फेस होगा।

तीन सर्वे और होंगे, वड़िंग को अनुशासन में रहने की सलाह
बैठकों में केसी ने कांग्रेस द्वारा पंजाब में करवाए गए दो सर्वेक्षणों की भी चर्चा की। इस दौरान तंज कसते हुए पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि उनके दाएं-बाएं क्या चल रहा है, वे सब जानते हैं। इस पर केसी ने उन्हें अनुशासन में रहते हुए पार्टी को आगे ले जाने की सलाह दी। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से भी केसी ने साफ कहा कि उनके अनुभव का फायदा पार्टी को जीत के रूप में मिलना चाहिए।

 

केसी ने बैठक में बताया कि पूर्व सर्वेक्षणों में कांग्रेस को पंजाब में 62 से 65 सीटें मिल रही हैं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी अभी दो सर्वे और करवाएगी। इस दौरान यदि सीटें 65 से 64 पर पहुंचीं तो वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसलिए सभी नेता एक साथ मिलकर इस आंकड़े को ऊपर ले जाएंगे।

इस दौरान केसी ने नेताओं को यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी वरिष्ठ नेता अपना अलग अभियान नहीं चलाएगा। सभी मिलकर पार्टी के अभियान को आगे बढ़ाएंगे। केसी ने नेताओं से कहा कि सीएम भी वरिष्ठ नेताओं में से ही बनेगा। सचिन पायलट या उन्हें यहां सीएम नहीं बनना है। इसलिए भीतरघात बर्दाश्त नहीं होगा। सभी जीत के लिए काम करेंगे। चुनावी अभियान और प्रचार की वे खुद निगरानी करेंगे।

स्थापित होगा कनेक्ट रूम
पंजाब में चुनाव से पहले वॉर रूम स्थापित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। केसी के साथ दो सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन और शशिकांत सेंथिल भी चंडीगढ़ पहुंचे हुए थे। उन्होंने यहां वॉर रूम स्थापित करने के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं से चर्चा की। वॉर रूम को ‘कनेक्ट रूम’ का नाम दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यहां तैनात स्टाफ रोजाना बूथ स्तर पर कॉलिंग कर हर दिन की गतिविधियों की जानकारी जुटाएगा और उन्हें पार्टी की नीतियों व निर्देशों से अवगत करवाएगा।

 

पायलट-परगट बने ड्राइवर, लंच डिप्लोमेसी
पंजाब भवन में लंच के लिए एक नया प्रयोग किया गया। पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सभी वरिष्ठ नेताओं के लिए लंच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के घर पर रखा था। इसके लिए सचिन पायलट ने खुद गाड़ी का स्टीयरिंग संभाला। साइड में केसी वेणुगोपाल और पीछे परगट सिंह, बाजवा, चन्नी और राजा वड़िंग को बैठाया।

 

पायलट ने कहा कि सभी ने मिलकर लंच किया और यह पार्टी की एकजुटता का संदेश है। अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि वे खुद पीछे रहकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे रखकर चलने में विश्वास रखते हैं। वापसी में परगट ने गाड़ी चलाई। लंच पर सांसद अमर सिंह, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला, राजकुमार वेरका समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

राहुल की रैली पर चर्चा
बैठक में केसी ने नेताओं के साथ राहुल गांधी की एक नवंबर को दिल्ली और चार नवंबर को संगरूर में होने वाली रैली पर चर्चा की। केसी ने बताया कि संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का जिला है, इसलिए राहुल गांधी वहीं से पंजाब में चुनावी बिगुल फूंकेंगे।

 
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उन्होंने कहा कि आज पंजाब में आप का विकल्प सिर्फ कांग्रेस ही है। उनके अनुसार, शाह जितने मर्जी दौरे पंजाब में कर लें, भाजपा को यहां कुछ नहीं मिलेगा। केसी ने कहा कि पंजाब में आगामी चुनाव के दौरान नशा और बिगड़ी कानून-व्यवस्था ही बड़े मुद्दे होंगे। उन्होंने भाजपा पर गैंगस्टरों को पनाह देने का भी आरोप लगाया। राहुल के बाद प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी पंजाब का दौरा करेंगे।
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