पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज से पंजाब के पांच दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के साथ वह विभिन्न जिलों में जाकर जमीनी हालात का जायजा लेंगे।
दौरे में कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रहने के साथ ही संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय नेताओं से फीडबैक जुटाने पर ध्यान रहेगा। कांग्रेस इस दौरे के जरिये आम आदमी पार्टी सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी की योजना गैंगस्टर हिंसा और अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने की है। इससे कांग्रेस को सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक हमले को स्थानीय मुद्दों से जोड़ने का मौका मिलेगा।
इस दौरान पायलट मोगा, बठिंडा, मानसा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर समेत विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। पीड़ित परिवारों से मुलाकात के जरिये पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश स्तर पर उठाने की रणनीति पर काम करेगी।
दूसरी कतार के नेताओं से लेंगे फीडबैक
पायलट का दौरा केवल सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने तक सीमित नहीं रहेगा। वह जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों से भी संवाद करेंगे। इससे पहले वह दिल्ली से वीडियो कॉल के जरिये दूसरी कतार के नेताओं के साथ संगठनात्मक चर्चा कर चुके हैं। अब जिलों में पहुंचकर वह संगठन की सक्रियता, स्थानीय स्तर पर तालमेल और कार्यकर्ताओं की शिकायतों की जानकारी लेंगे।
दौरे के बाद कांग्रेस नेतृत्व की अगली रणनीति और कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इसके बाद राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम भी तय किया जा सकता है। ऐसे में पायलट की यात्रा को प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।