सीबीआई एफआईआर के आधार पर राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दायरे में सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और अन्य प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के बदले कथित आर्थिक लाभ लेने के आरोप भी शामिल हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। सीबीआई आगे की पूछताछ और जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। घुमन से करीब छह घंटे पूछताछ के बाद सीबीआई ने उनके करीबी माने जाने वाले बीर दविंदर सिंह और जतिन गोहल से करीब 10 घंटे सवाल-जवाब किए। दोनों से मामले से जुड़े आरोपों और तथ्यों पर करीब 70 सवाल पूछे गए। घुमन को भी आज दोबारा पेश होने के लिए कहा गया है।
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बीर दविंदर सिंह और जतिन गोहल सुबह करीब 11:15 बजे सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे। पूछताछ के बाद बाहर आए बीर दविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े सभी सवालों के जवाब दे दिए हैं। उन्हें निष्पक्ष जांच और इंसाफ का भरोसा है। उन्होंने बताया कि वह करीब 70 किलोमीटर दूर से पूछताछ के लिए आए थे। सीबीआई ने जरूरत पड़ने पर दोनों को दोबारा बुलाने की बात कही है।
चुस्पिंदरबीर चहल से हथियार लाइसेंस की सिफारिश पर सवाल
आम आदमी पार्टी के मानसा जिला परिषद चेयरमैन चुस्पिंदरबीर चहल भी मामले में सीबीआई से पूछताछ के दायरे में हैं। वह रविवार को सेक्टर-30 स्थित कार्यालय पहुंचे थे लेकिन कुछ देर बाद बाहर आ गए। चहल ने बताया था कि चार दिन पहले भी उनसे करीब छह घंटे पूछताछ हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि सीबीआई दोबारा बुलाएगी, इसलिए वह कार्यालय पहुंचे थे। चहल ने स्वीकार किया था कि उनसे हथियार लाइसेंस की सिफारिश के संबंध में सवाल किए गए। उनके मुताबिक, उन्होंने पार्टी में साथ काम करने वाले एक मित्र और सहयोगी के लिए सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि जिला परिषद चेयरमैन के तौर पर किसी के पक्ष में सिफारिश करना अपने आप में अपराध नहीं है लेकिन इसके बदले अनुचित मांग करना गलत है। चहल ने कहा कि वह अपना बयान दे चुके हैं और जरूरत पड़ने पर जांच में सहयोग करेंगे।
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मान और केजरीवाल की छवि खराब करने का आरोप
चहल ने आरोप लगाया था कि इस मामले के जरिये मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक एजेंडे के तहत कार्रवाई को मुद्दा बनाने और एफआईआर के जरिए मुख्यमंत्री की ईमानदार छवि पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया था। ये बातें उन्होंने मीडिया से बातचीत में कही थीं।