फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वायरल वीडियो पर सीएम मान का खुलासा: कनाडा से मास्क लगा रची गई साजिश, जगमन समरा ने होटल में बनाया नकली वीडियो

Thu, 25 Jun 2026 02:59 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने वायरल वीडियो विवाद पर पत्रकारवार्ता कर सफाई दी। मान ने कहा कि सभी पार्टियां मुझे निशाना बनाने का प्रयास कर रही है।  
विज्ञापन
सीएम भगवंत मान - फोटो : X @BhagwantMann
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कथित आपत्तिजनक वीडियो विवाद पर बड़ा खुलासा किया है। सीएम का दावा है कि उनकी छवि खराब करने के लिए कनाडा में उनकी शक्ल का मास्क पहनाकर एक नकली वीडियो तैयार किया गया। 
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश राजनीतिक विरोधियों की शह पर रची गई है और इसका मकसद उन्हें बदनाम कर आगामी चुनावों से पहले उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वीडियो कनाडा में जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा ने तैयार करवाया। उनके अनुसार समरा ने एक अनजान व्यक्ति को उनकी शक्ल का मास्क पहनाकर होटल के कमरे में वीडियो शूट किया। मान ने कहा कि संबंधित व्यक्ति का उनसे कोई संबंध नहीं है और वह केवल एक बार किसी कार्यक्रम में समरा से मिले थे।
विज्ञापन


मान ने बताया कि संगरूर निवासी जगमन समरा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसे धोखाधड़ी के एक मामले में फिरोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में फरीदकोट जेल भेजा था। फरवरी 2022 में वह गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से बीमारी का बहाना बनाकर फरार हो गया और नेपाल के रास्ते कनाडा पहुंच गया। उसके खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक विरोधियों ने समरा को मोहरा बनाकर यह पूरा षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि कनाडा के एक होटल के कमरे में गुरु साहिबानों की तस्वीरें लगाकर वीडियो बनाई गई ताकि धार्मिक भावनाएं भड़काई जा सकें। मान ने सवाल उठाया कि क्या किसी होटल के कमरे में सामान्य तौर पर गुरु साहिबानों की तस्वीरें लगी होती हैं। यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि समरा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का भी नकली मास्क तैयार करवाने का ऑर्डर दिया है। इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि समरा पहले भी कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुका है। किसान आंदोलन के दौरान भी उसने कई नेताओं को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को सभी सबूत सौंप दिए जाएंगे और इंटरपोल के माध्यम से समरा को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन

सबूत श्री अकाल तख्त के सामने रखेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि कथित वीडियो कनाडा के एक होटल में बनाई गई जबकि वह वर्ष 2016 के बाद कभी कनाडा नहीं गए। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में मास्क स्पष्ट दिखाई देता है और उनकी गर्दन पर ऑपरेशन का निशान भी नजर नहीं आता। फर्जी वीडियो बनाने वालों की पहचान हो चुकी है। जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले के सबूत श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष भी रखे जाएंगे।

पंथक बहिष्कार करवाने की साजिश

मान ने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी विकास और जनहित के मुद्दों पर उनका मुकाबला नहीं कर पा रहे इसलिए उनका पंथक बहिष्कार करवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया, पालकी साहिब ले जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ किया, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाया और तीन तख्त साहिब वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया। विपक्ष इन कार्यों का जवाब नहीं दे पा रहा है।

1984 की याद दिलाकर विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, भाजपा और शिअद पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर झूठी वीडियो के जरिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस को 1984 की घटनाओं की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि अकाल तख्त को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी, यह सब जानते हैं। वहीं शिअद को बेअदबी की घटनाओं और भाजपा को ऑपरेशन ब्लू स्टार के संदर्भ में घेरा। उन्होंने कहा कि अब सच और झूठ का फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ते हैं।

आईपीएस अधिकारियों के गुरुग्राम जाने के आरोप भी झूठे

मुख्यमंत्री ने दो आईपीएस अधिकारियों के गुरुग्राम जाने संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के माध्यम से किसी से भी कुछ कहलवाया जा सकता है। जब भी सरकार सबूत पेश करती है तब नए आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और नए सबूत भी जांच एजेंसियों को सौंपे जाएंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें