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SIR in Punjab: आज से घर-घर आएंगे BLO, कब कट सकता है वोट-कैसे चलेगी प्रक्रिया; मुख्य निर्वाचन अधिकारी से जानिए

Thu, 25 Jun 2026 09:37 AM IST
Nivedita मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में आज से स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (एसआईआर) शुरू होगा। 24453 बीएलओ एम्यूनरेशन फाॅर्म भरवाने घर-घर पहुंचेंगे। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने खास बातचीत में एसआईआर से जुड़े हर सवाल का जवाब दिया।
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अनिंदिता मित्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब में स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने कमर कस ली है। 24453 बीएलओ की फौज आज से एम्यूनरेशन फाॅर्म भरवाने घर-घर पहुंचेगी। सूबे में एसआईआर के संदर्भ में सियासी दलों से लेकर लोगों के बीच खासी चर्चा है।
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कई तरह के भ्रम भी इसे लेकर फैलाए जा रहे हैं। विदेशों में रह रहे लोगों के दिलों में इस बाबत कुछ संदेह है। कुछ मतदाताओं में जहां वोट कटने का डर है, वहीं इस पूरी प्रक्रिया के तहत प्री मैपिंग का काम भी पूरा हो चुका है। अच्छी बात यह कि सूबे में 86.02 प्रतिशत प्री मैपिंग हो गई फिर भी लगभग 30 लाख मतदाता इस प्रकिया अछूते रह गए हैं। इन मतदाताओं का क्या होगा, क्या वोट कटेगा और यह प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ूेगी, इस तरह के कई सवालों पर पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने जवाब दिया।
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सवाल : प्री मैपिंग में जो मतदाता छूट गए क्या उनका वोट कट जाएगा ?
जवाब :
यह सरासर गलत है। इस तरह की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं जो सही नहीं हैं। जिन मतदाताओं की प्री मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें दावे और आपत्तियों के दौरान ईआरओ (इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अफसर) द्वारा नोटिस जारी कर उनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे। वे पुष्टि करेंगे कि वे पंजाब के ही बाशिंदे हैं। कोशिश की जाएगी 24 जुलाई तक भी मैपिंग प्रतिशत और बढ़ जाए। कोई भी जायज वोट नहीं कटेगा।

सवाल : मतदाताओं से किस तरह के दस्तावेज मांगे जाएंगे ?
जवाब :
12 तरह के दस्तावेज हैं जो अनमैप्ड मतदाताओं से ईआरओ नोटिस देकर मांगेंगे। इनमें पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल सर्टिफिकेट, एससी-एसटी प्रमाण पत्र, सरकारी पट्टा नामा, पेंशन प्रमाण पत्र, सरकारी घर की अलॉटमेंट इत्यादि शामिल हैं। बीएलओ के पास इसकी पूरी लिस्ट माैजूद रहेगी। इनमें से यदि कोई दस्तावेज नहीं है तो भी ईआरओ अपने स्तर पर किसी भी पहचान पत्र के माध्यम से मतदाता की तस्दीक कर सकता है। इसके बाद व्यक्ति का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकता है।

सवाल : एनआरआई या विदेश पढ़ने गए विद्यार्थी क्या करेंगे ?
जवाब :
जो लोग एनआरआई हैं और उन्होंने अभी तक भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है इनके अलावा वे बालिग विद्यार्थी जो विदेश में पढ़ने गए हैं वे भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के पोर्टल पर अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर वहीं सबमिट कर सकते हैं। उसकी तस्दीक भी बीएलओ करेंगे। कोई दावा या आपत्ति होने पर ईआरओ उसका निपटान करेंगे। सही पाए जाने पर उनका वोट नहीं कटेगा।

सवाल : विदेश में रहने वाले किन मतदाताओं के वोट कटेंगे ?
जवाब :
एन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाता को यह घोषणा करनी होगी कि उसने भारत के अलावा किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं ली है। जहां उसका वोट है, उसके अलावा उसका अन्य जगह वोट नहीं बना हुआ है। यदि विदेश में बसे किसी भी व्यक्ति ने अपना इंडियन पासपोर्ट सरेंडर कर दूसरे देश का पासपोर्ट ले लिया है तो उसे देश का नागरिक नहीं माना जाएगा। ऐसे लोगों को यहां वोट बनाने का अधिकार नहीं होगा। जिन एनआरआई व स्टूडेंट्स के पास इंडियन पासपोर्ट है, वे भारत के नागरिक माने जाएंगे।

सवाल : लोग घर पर नहीं मिले तो क्या होगा ?
जवाब :
हर घर में बीएलओ तीन बार दस्तक देगा। एक बार फॉर्म देने जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति घर पर नहीं है तो दरवाजे के नीचे से फॉर्म सरकाने के बाद घर के बार एक स्टीकर लगाकर आएगा। इसमें यह लिखा होगा- बीएलओ घर आया था, आप नहीं और अगली बार इस तारीख को फिर आऊंगा। तीन बार यह प्रक्रिया चलेगी। घर में संबंधित व्यक्ति का फॉर्म उनका कोई रिश्तेदार भी भरकर दे सकता है। उनके हस्ताक्षर भी मान्य होंगे, बशर्ते उन्हें यह भी लिखना होगा कि उसका मतदाता से रिश्ता क्या है।

सवाल : बीएलओ के अलावा बीएलए की क्या भूमिका रहेगी ?
जवाब :
बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) राजनीतिक पार्टियों ने तैनात करने हैं। 64640 बीएलए की तैनाती हो चुकी है। हर स्तर पर बीएलए और बीएलओ मिलकर काम करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान हर बूथ की एएसडीडी लिस्ट बनेगी। इनमें उन लोगों के नाम होंगे जो घरों में एब्सेंट मिले, कहीं ओर शिफ्ट हो गए, जिनकी डेथ हो गई या उनका डुप्लीकेट वोट था। यह सूची सभी बीएलए को दी जाएगी और उनसे हर पन्ने पर हस्ताक्षर लिए जाएंगे ताकि वे इस सूची की अच्छी तरह तस्दीक कर लें। उसके बाद ऐसे लोगों के वोट कटने संभव हैं। सभी बीएलओ और बीएलए को प्रशिक्षण दे दिया गया है।

सवाल : बैठकों में राजनीतिक दलों से क्या सुझाव मिले ?
जवाब :
एसआईआर के बाबत सियासी दलों के प्रतिनिधियों से कई दौर की बातचीत हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जो मतदाता प्री मैपिंग में छूट गए हैं वे उनकी मैपिंग करवाने में पूरा सहयोग करेंगे। इसके अलावा सभी बूथों पर बीएलओ के साथ भी अच्छा तालमेल रखेंगे और उनकी पूरी मदद करेंगे। उनसे भी सभी बूथ वाइज सूचियां साझी कर दी जाएंगी ताकि फाइनल एसआईआर के बाद कोई सवाल खड़ा न हो।
 
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