बजट से महिलाओं को एक हजार रुपये की आर्थिक मदद की आस
मार्च के पहले सप्ताह में पेश किए जाने वाले मान सरकार के तीसरे बजट से प्रदेश की 1.11 करोड़ महिलाओं को 2022 में 92 विधायकों के साथ सत्ता में आने वाली आम आदमी पार्टी की महिलाओं के लिए 1 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा से अहम आस है।
कर्ज के बोझ और वित्तीय संकट से जूझने के कारण मान सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 के अपने दूसरे बजट में महिलाओं से किया यह वादा पूरा नहीं कर पाई थी। सत्ता में आए मान सरकार को मार्च में तीन साल पूरे हो जाएंगे। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए मान सरकार के लिए सत्ता के चौथे साल में प्रवेश करने के साथ महिलाओं से किया वादा पूरा करना भी बड़ी प्राथमिकता होगी।
60 हजार नई नौकरी देगी सरकार
मान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के युवाओं के लिए 60 हजार नई नौकरी देने का रोडमैप तैयार कर लिया है, जोकि इस बजट में पेश किया जाएगा। मान सरकार का दावा है कि वह अब तक 47 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दे चुके हैं। युवाओं को रोजगार देने के पंजाब की आप सरकार अपने संकल्प को आगे बढ़ाएगी।
इसके लिए प्रदेश में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे (एकेआईसी) परियोजना के हिस्से के रूप में राजपुरा में इंटीग्रेटेड मैनुफेक्चरिंग क्लस्टर एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (आईएमसी) स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय व्यापार, वैश्विक प्रतिस्पर्धी व्यवसाय और निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के लिए विशेष व्यवस्था कायम करना है। यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 32724 और गैर-औद्योगिक क्षेत्र में 14880 लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगी।
किसानी मुद्दों और सरहदी इलाकों पर फोकस
प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार ठोस कदम उठा रही है, ताकि किसानों की नाराजगी से वह बची रहे। केंद्रीय कृषि मंडीकरण नीति के ड्राफ्ट को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में जिस कदर सरकार ने प्रस्ताव को खारिज कर केंद्र को यह भेजने का कदम उठाया है। उससे सरकार ने किसानों के हक में खड़े होने का संकेत दिया है।
किसानी मुद्दों के साथ खेती के लिए राज्य सरकार अपने तीसरे बजट में नहरी पानी के जाल को फैलाने के लिए बड़ा कदम उठा सकती है, ताकि प्रदेश के हर किसान को उसके खेतों तक फसलों की पैदावार के लिए पानी मुहैया कराया जा सके। साथ ही प्रदेश को भूजल संकट से बचाया जा सके। इसी के साथ मान सरकार के तीसरे बजट से प्रदेश के सरहदी इलाकों को बड़ी उम्मीद है।
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा लगातार दो बार केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण से सरहदी इलाको के विकास के लिए जम्मू-कश्मीर व हिमाचल की तर्ज पर विशेष पैकेज की मांग कर चुके हैं, लेकिन दोनों बार उनकी मांग अनसुनी रह गई, अब सरकार इस बजट में अपने स्तर पर सरहदी इलाकों में उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार और विकास की ओर ध्यान केंद्रित करने जा रही है।