पंजाब विधानसभा के 22 से 27 अक्तूबर तक चलने वाले विशेष सत्र में विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रस्ताव लाएगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा इस प्रस्ताव को पेश करेंगे।
इसमें एसआईआर के तहत तैयार मतदाता सूचियों को रद्द कर घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन के आधार पर तैयार पुरानी सूचियों का इस्तेमाल करने की सिफारिश की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार से यह मामला केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के समक्ष उठाने की मांग की जाएगी। प्रस्ताव को सत्ता पक्ष का समर्थन मिलने की भी संभावना है।
सत्र में पंजाब के व्यापार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पुराने सिल्क रूट को दोबारा खोलने का मुद्दा भी उठेगा। विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा यह प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा भाई कन्हैया जी की मानव सेवा को सम्मान देने के लिए सरकारी अस्पतालों के इमरजेंसी वार्डों का नाम उनके नाम पर रखने की मांग की जाएगी। प्रस्ताव में 20 सितंबर को मनाए जाने वाले भाई कन्हैया जी मानव सेवा संकल्प दिवस को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की सिफारिश भी शामिल होगी।
सत्र के दौरान तीन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान विभिन्न मुद्दों पर सदन में अपनी बात रखेंगे। इस दौरान पंजाब के ज्वलंत मसलों पर सरकार को घेरने की तैयारी भी है। सीबीआई जांच, नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों की मांगों के अलावा बेअदबी रोधी कानून में संशोधन पर चर्चा हो सकती है। प्रश्नकाल भी होगा।
सिल्क रूट दोबारा खोलने का मुद्दा उठेगा
सिल्क रूट ऐतिहासिक व्यापारिक मार्गों का नेटवर्क था, जो चीन से मध्य एशिया, ईरान और यूरोप तक फैला था। पंजाब का संपर्क उत्तर-पश्चिम के उन व्यापारिक रास्तों से था, जो अफगानिस्तान के रास्ते मध्य एशिया से जुड़ते थे। इन मार्गों से सामान और व्यापारियों की आवाजाही होती थी। प्रस्ताव के जरिये केंद्र सरकार से संबंधित देशों के साथ व्यापारिक संपर्क दोबारा विकसित करने की पहल करने की मांग की जाएगी। इसका उद्देश्य पंजाब के किसानों, कारोबारियों और अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने के साथ देश के व्यापार को बढ़ावा देना है। इसके लिए केंद्र और संबंधित देशों के स्तर पर पहल जरूरी होगी।
बेअदबी रोधी संशोधन विधेयक हो सकता है पेश
विशेष सत्र में बेअदबी रोधी कानून में संशोधन और रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। बेअदबी रोधी कानून के कुछ प्रावधानों पर श्री अकाल तख्त साहिब की आपत्तियों के बाद सरकार ने इस पर विचार-विमर्श किया है। वहीं, रंजीतगढ़ विकास प्राधिकरण विधेयक का उद्देश्य कंडी क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है। सत्र में इन विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।