पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। भाजपा पिछले साल लोकसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरी थी। पार्टी के नेता कह भी चुके हैं कि अगला विधानसभा चुनाव पार्टी अपने ही दम पर लड़ेगी। हरियाणा के सीएम नायब सैनी पंजाब में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के जरिये पंजाब में पैर पसारने की तैयारी कर रही है। सीएम सैनी ने पिछले कुछ समय से प्रदेश में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं।
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हाल ही में सैनी ने पंजाब के कई कार्यक्रमों में भाग लिया है। पहले उन्होंने सरपंचों से मुलाकात की और फिर आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों को पार्टी में शामिल कराया। राजनीतिक पंडितों ने इसके सियासी मायने निकालने शुरू कर दिए हैं, क्योंकि आगे वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव है। हरियाणा बॉर्डर के साथ लगती पंजाब की विधानसभा सीटों पर भाजपा की विशेष नजर है।
भाजपा ने वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव पंजाब में अपने दम पर लड़ा। इस चुनाव में पार्टी के हाथ कोई सीट नहीं लगी, लेकिन फिर भी चुनाव पार्टी को अच्छे संकेत देकर गया है। पार्टी का वोट शेयर 9 से बढ़कर 18 फीसदी तक पहुंच गया। 19 फीसदी विधानसभा हलकों में भाजपा आगे रही। इस कारण आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को अच्छे नतीजों की उम्मीद है। सीएम सैनी ने खुद पंजाब में मोर्चा संभाल रखा है। संगरूर जिले के लहरा विधानसभा क्षेत्र के 15 सरपंचों ने पिछले महीने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनके निवास पर मुलाकात की थी।
इसके अलावा रविवार को सीएम सैनी ने जीरकपुर के एक कार्यक्रम में भी भाग लिया, जिसमें आप पार्षदों को पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी। सीएम सैनी पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद उनसे मिलने भी पहुंचे थे। इस दौरान सैनी ने सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा था कि यह अटैक पंजाब सरकार की असफलता है। पंजाब में सैनी समाज का भी अच्छा खासा वोट बैंक है, जिसे साधने में भी भाजपा लगी हुई है।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब में हुए नतमस्तक
वैसाखी के मौके पर सैनी तख्त श्री केसगढ़ साहिब में भी नतमस्तक हुए थे। इस दौरान उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार एवं तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह से उनके निवास स्थान पर जाकर मुलाकात की थी। उन्होंने राज्य के सिखों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए उनसे बातचीत की भी थी।
इन जिलों की सीटों पर भाजपा की विशेष नजर
हरियाणा के साथ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, संगरूर और लुधियाना जिले के विधानसभा के हलके लगते हैं। इन जिलों के अंदर हरियाणा के साथ 38 से अधिक विधानसभा सीटें लगती हैं। इन सीटों पर भाजपा का विशेष फोक है। इसी तरह हिंदू बहुल व शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा अपनी अपनी अच्छी पकड़ मानती है, इसलिए अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी बड़े बदलाव की आस लगाए बैठी है।
हरियाणा पहले पंजाब का ही हिस्सा था, इसलिए दोनों राज्यों का एक-दूसरे प्रभाव रहता है। रोपड़ व होशियारपुर समेत अन्य जिलों में सैनी बहुल क्षेत्र हैं, इसलिए हरियाणा सीएम नायब सैनी का दांव भाजपा के लिए अच्छा साबित हो सकता है। जिस तरह से उन्होंने गतिविधियां बढ़ाई हैं, उससे साफ है कि भाजपा ने 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। -डॉ. घनश्याम देव शर्मा, प्रोफेसर, राजनीतिक विज्ञान