वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में विलय को 'निंदनीय' करार दिया है। शनिवार को सुनाम दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस तरह के झटकों से घबराने वाली नहीं है, बल्कि हर बार ऐसी चुनौतियों से और मजबूत होकर उभरी है।
नेतृत्व पर दबाव का आरोप
सांसदों के पाला बदलने पर हैरानी जताते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि राजनीति में सब्र और अपने स्टैंड पर कायम रहना बेहद जरूरी है। यह समझ से परे है कि संदीप पाठक और राघव चड्ढा जैसे नेता किस दबाव में आकर पार्टी छोड़ गए। यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकरण की जानकारी शायद राष्ट्रीय नेतृत्व या मुख्यमंत्री भगवंत मान को हो, लेकिन उनके संज्ञान में यह मामला नहीं था । उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी इन सांसदों के निलंबन और सदस्यता रद्द करवाने के लिए उचित कानूनी कदम उठाएगी।
राजा वडिंग पर तीखा पलटवार
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा 'आप' के 50 विधायकों के टूटने के दावे पर तंज कसते हुए अरोड़ा ने कहा कि ऐसा लगता है कि राजा वडिंग ने राजनीति छोड़कर ज्योतिष का काम शुरू कर दिया है। वडिंग को दूसरों के घरों में झांकने के बजाय अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए। उन्हें यह भी पता नहीं चलता कि कब उनके अपने लोग साथ छोड़ जाते हैं। अमन अरोड़ा ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि आम आदमी पार्टी एक विचारधारा की लड़ाई है और कुछ चेहरों के जाने से संगठन की मजबूती पर कोई आंच नहीं आएगी। उन्होंने साफ किया कि पंजाब की जनता और पार्टी के विधायक एकजुट हैं और विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।