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पंजाब में अभी 82% धान की कटाई बाकी: पराली जलाने के मामले 400 पार हुए, पांच जिलों की हवा हुई खराब

Thu, 22 Oct 2026 10:21 AM IST
Nivedita राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब सरकार को सभी जिलों की ड्रोन से निगरानी करने के आदेश दिए हैं ताकि अगर पराली जलाने का कोई भी मामला पकड़ में आता है तो तुरंत उस पर रोक लगाई जा सके। आयोग ने हाल ही में अमृतसर और तरनतारन के डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने के कारण नोटिस जारी करके जवाब भी मांगा है।
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अमृतसर में जल रही पराली - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब में अभी तक सिर्फ 18.40% क्षेत्र में धान की कटाई का काम पूरा हुआ है लेकिन पराली जलाने के मामले 400 के पार हो गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी तकरीबन 82 प्रतिशत एरिया में धान की कटाई बाकी है जिससे आने वाले दिनों में पराली जलाने के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।

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सूबे में पहले ही पिछले साल के मुकाबले पराली जलने के मामलों में वृद्धि शुरू हो गई है जिसका असर प्रदेश की हवा पर भी देखने को मिल रहा है। पांच जिलों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) यलो जोन में चला गया है। जालंधर का एक्यूआई सबसे अधिक 198 दर्ज किया गया है जबकि लुधियाना का 155 तक पहुंच गया है।

इसी तरह अगर बाकी जिलों की बात करें तो अमृतसर 109, बठिंडा 142 और मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 130 दर्ज किया गया है। इन सभी जिलों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में चल रहा है जिसमें फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा और दिल की बीमारी वाले मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। केवल तीन जिलों का एक्यूआई यलो जाने से बाहर है जिसमें खन्ना 72, पटियाला 71 और रूपनगर का एक्यूआई 52 दर्ज किया गया है।
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34 लाख हेक्टेयर में धान की खेती 
सूबे में करीब 34 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। फिलहाल धान की कटाई ने रफ्तार नहीं पकड़ी है लेकिन पराली जलाने के मामलों में अभी से वृद्धि शुरू हो गई है। यही कारण है कि पिछले साल के मुकाबले मामले बढ़ने से केंद्र के साथ ही राज्य सरकार की भी चिंता बढ़ गई है। वायु प्रबंधन आयोग ने भी निगरानी बढ़ा दी है। आयोग खुद हॉटस्पॉट जिलों की निगरानी कर रहा है। 

पंजाब सरकार को सभी जिलों की ड्रोन से निगरानी करने के आदेश दिए हैं ताकि अगर पराली जलाने का कोई भी मामला पकड़ में आता है तो तुरंत उस पर रोक लगाई जा सके। आयोग ने हाल ही में अमृतसर और तरनतारन के डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने के कारण नोटिस जारी करके जवाब भी मांगा है। यही वजह है कि कई जिलों में डिप्टी कमिश्नरों ने खुद भी फील्ड में निगरानी शुरू कर दी है और वह मौके पर जाकर पराली जलाने की घटनाओं को रोक रहे हैं।

दशहरा पर भी पटाखे जलने का एक्यूआई पर असर 
प्रदेश में दशहरा पर भी पटाखे जलने के कारण पिछले 24 घंटे में एक्यूआई में वृद्धि हुई है। यही कारण है कि दो जिलों का एक्यूआई 150 को भी पार कर गया। आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चरण एक लागू किया। क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के कारण यह निर्णय लिया गया है जिसके तहत पेट्रोल के पुराने और डीजल वाहनों के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। साथ ही निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के ठोस पर्यावरण प्रबंधन पर निर्देशों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

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