पंजाब सरकार ने जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित वनमैप पंजाब पोर्टल तैयार किया है, जिसे इसी महीने लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। इससे संपत्ति कर की चोरी पर रोक लगेगी, जिससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। साथ ही लोगों को बेहतर निवेश करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि इसके जरिये वे भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
-लोगों से सही संपत्ति कर ही वसूला जाएगा। पुरानी खामियां जीआईएस से दूर हो जाएंगी।
-कितना संपत्ति कर जमा कराया है और कितना बाकी है, इसकी जानकारी भी पोर्टल पर मिलेगी।
-लोग खुद भी पोर्टल पर सही जानकारी के लिए संपादन कर सकेंगे, जिसके लिए पोर्टल पर अपनी लोकेशन की अनुमति देनी होगी।
-किसी भी क्षेत्र में सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे, जैसे अस्पताल, स्कूल, या पार्क आदि।
-संपत्ति के अलावा सभी तरह के सही कर संग्रह से राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
-किसी भी तरह कई नई पॉलिसी बनाने व नई परियोजना लाने में भी विभाग को फायदा होगा।
-ग्रीन एरिया बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिन क्षेत्रों में हरियाली कम होगी, पोर्टल से उनकी पहचान की जा सकेगी।
-पानी व सीवरेज लाइन कहां से गुजर रही है, आसानी से इसकी जानकारी मिलेगी।
जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) एक भू-विज्ञान सूचना प्रणाली है। यह संरचनात्मक डाटा बेस पर आधारित है। यह भौगोलिक सूचनाओं के आधार पर जानकारी प्रदान करती है। संरचनात्मक डाटाबेस तैयार करने के लिए वीडियो, भौगोलिक फोटोग्राफ और जानकारियों के आधार का कार्य किया जाता है। ड्रोन के जरिये नगर निगम क्षेत्र का सर्वे किया जाता है।
पंजाब के संपत्ति कर में बढ़ोतरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग प्रयास कर रहा है। विभाग के इन प्रयासों से सूबे के राजस्व में वृद्धि होगी और साथ ही पारदर्शिता भी आएगी। - तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग