पंजाब में पवित्र ग्रंथों के खिलाफ अपराध रोकथाम विधेयक-2025 पर मंगलवार को सदन में ढाई घंटे तक चर्चा चली। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बेअदबी के मुद्दे पर जमकर गहमागहमी रही। इसके बावजूद विशेष सत्र की कार्रवाई में लाया गया विधेयक पारित नहीं हो सका।
सीएम मान और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की सहमति के बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विधेयक में सभी धर्मों के नुमाइंदों की सलाह, जनता की राय, नए नियम व कानून शामिल करने और जरूरी संशोधन शामिल करने के लिए विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजकर 6 महीने में इसका फाइनल ड्राफ्ट पेश करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया। अब स्पीकर विधेयक में जरूरी संशोधन के लिए सेलेक्ट कमेटी का गठन करेंगे जिसमें राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों के अलावा सभी धर्मों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। 6 महीने से पहले इस पर दोबारा विधानसभा में फाइनल ड्राफ्ट लाया जाएगा।
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चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस विधेयक के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद गीता, बाइबिल, कुरान शरीफ और अन्य पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को उम्रकैद तक की सजा दी जा सकेगी। इसे सेलेक्ट कमेटी को भेजा जा रहा है ताकि यह और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने अफसोस व्यक्त किया कि बेअदबी की घटनाएं भले 2016 की हों, लेकिन आज तक दोषियों को उनके पापों की सजा नहीं मिली है।
30 दिन में पूरी हो जांच: बाजवा
विधेेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बेअदबी के मामलों की जांच 30 दिनों की सख्त समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि अतिरिक्त समय की आवश्यकता है, तो एसएसपी की मंजूरी 15 दिनों तक के विस्तार के लिए अनिवार्य होनी चाहिए। इससे आगे किसी भी विस्तार के लिए डीजीपी से अनुमति की आवश्यकता होनी चाहिए। बहबल कलां में पुलिस गोलीबारी में दो सिख व्यक्तियों की मौत पर बोलते हुए, बाजवा ने सरकार पर अपने वादों से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। बाजवा ने कहा कि आप ने सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर एसआईटी रिपोर्ट पर कार्रवाई करने का वादा किया था, जिसमें आप विधायक और पूर्व डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन अब वह उस वादे से मुकर गई है।
नकोदर कांड की दूसरी रिपोर्ट ढूंढने के लिए बनेगी कमेटी: संधवां
विधेयक पर चर्चा के दौरान वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 1986 की पीड़ादायक घटनाओं की ओर आकर्षित करते हुए जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट की एक प्रति विधानसभा में मौजूद है, किंतु कार्रवाई रिपोर्ट रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को खोजने हेतु एक कमेटी गठित करने की अपील की, जिस पर विधानसभा स्पीकर ने नकोदर कांड की दूसरी रिपोर्ट का पता लगाने के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की। चीमा ने विशेष रूप से 2 फरवरी 1986 की दुखद घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल के शासनकाल के दौरान गुरुद्वारा साहिब गुरु अर्जुन देव जी, नकोदर में पांच पवित्र बीड़ें जला दी गईं।
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होने के समय आम आदमी पार्टी के निलंबित पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ अपने समर्थकों के साथ परिसर के बाहर प्रदर्शन करने लगे। पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को हाल ही में पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया था। उन्होंने खुलकर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज उन्होंने आप के रोपड़ से विधायक दिनेश चड्ढा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
करीब एक दर्जन युवक, जिनमें से अधिकतर संदोआ समर्थक बताए जा रहे हैं, दिनेश चड्ढा मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विधानसभा के बाहर पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हालात संभाले और प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर से बाहर निकाला।