पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ओर से धड़ाधड़ नियुक्तियों का दौर जारी है। प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का जोश बढ़ाने के लिए पार्टियां उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप रही हैं। दलों को इस बात का भलीभांति आभास है कि चुनाव केवल बड़े नेताओं और रैलियों से नहीं बल्कि बूथ स्तर की मशीनरी से जीते जाते हैं।
प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ता और जिम्मेदार पदाधिकारी होने से मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनती है। समर्थकों, नए मतदाताओं और प्रभावशाली स्थानीय समूहों से लगातार संपर्क रखा जा सकता है। पार्टी के प्रदेश स्तर के मुद्दों को गांव, वॉर्ड और बूथ तक पहुंचाने में संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं मतदान के दिन कार्यकर्ताओं की तैनाती, मतदाताओं से संपर्क और बूथ प्रबंधन के लिए मजबूत कैडर बेहद जरूरी है।
इसी के मद्देनजर इन दिनों सभी राजनीतिक दलों के संगठन महासचिव व प्रभारी पूरी तरह सक्रिय है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश संगठन महामंत्री श्रीनिवासलु मंथरी भी पिछले दिनों पंजाब के कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए थे। शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा भी रिक्त पदों पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व आप के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा व प्रभारी मनीष सिसोदिया भी बूथ स्तर तक अपना कैडर मजबूती देने में जुटे हैं।
संगठन मजबूती में दलों की कसरत
-आम आदमी पार्टी लगातार विभिन्न प्रकोष्ठों के तहत अपनी नियुक्तियां कर रही हैं। 31 अगस्त को पार्टी ने 14 ब्लॉक प्रधान व यूथ विंग के 493 ब्लॉक समन्वयकों की नियुक्ति की।
-शिरोमणि अकाली दल ने व्यापार व एससी सैल के हलका प्रधानों, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष, यूथ अकाली दल की कोर कमेटी, जिला प्रधान, आठ जिलों की जनरल काउंसिल के सदस्य, यूथ अकाली दल कार्यकारी अध्यक्ष, लोकसभा हलका प्रभारी व संगठन सचिव समेत अन्य पदों पर 188 नियुक्तियां की हैं।
-पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की तैनाती के बाद पार्टी भी अपनी संगठनात्मक नियुक्तियों में इन दिनों व्यस्त है। विभिन्न मोर्चों के तहत पिछले कुछ दिनों में 94 संगठनात्मक नियुक्तियां हो चुकी हैं। इसके अलावा पंजाब में भाजपा ने 25,332 बूथों पर बूथ कमेटियां सक्रिय करनी हैं। हर बूथ पर 11 सक्रिय सदस्यों की टीम बनाने का लक्ष्य है। अभी 11 हजार से ज्यादा बूथों पर टीमें नहीं हैं। 6425 सब सर्किल और 622 सर्किल बनाए जाएंगे। 117 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक में पांच सर्किल होंगे। एक सर्किल के अधीन करीब 40 बूथ होंगे। 30 सितंबर तक संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने और 31 अक्तूबर तक बूथ कमेटियों को सक्रिय करने का लक्ष्य रखा गया है। हर बूथ पर करीब 250 लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की योजना है।
-पंजाब कांग्रेस भी संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। हालांकि पार्टी ने पिछले दिनों पांच ही नियुक्तियां की हैं। कांग्रेस भी पहली बार पंजाब में बूथ स्तर पर अपनी 11 सदस्यीय कमेटियां बना रही है। इस पर अभी काम जारी है।