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मानसा: झोटा के इंसाफ धरने पर पुलिस की कार्रवाई, वारिस पंजाब के नेता लक्खा सिधाना समेत कई हिरासत में

Tue, 27 Oct 2026 08:39 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)

सार

परविंदर झोटा के इन्साफ धरने से वारिस पंजाब के नेता लक्खा सिधाना और अन्य प्रदर्शनकारियों को माहौल खराब करने के आरोप में मंगलवार शाम को हिरासत में लिया है। 
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लक्खा सिधाना को लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मानसा पुलिस ने 15 दिन से चल रहे परविंदर झोटा के इन्साफ धरने से वारिस पंजाब के नेता लक्खा सिधाना और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने मोहनजीत शेरो को गांव भम्मे कला से उठाया। इस दौरान लक्खा सिधाना के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे के बाद ही झोटा का अंतिम संस्कार होगा। 

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पुलिस ने धरनाकारियों को हटाने का कारण गांव भम्मे कलां के नौजवान दलजीत सिंह की मौत पर प्रदर्शन और माहौल खराब करना बताया। सीपीआई एमएल लिब्रेशन, इन्साफ कमेटी और झोटा के पिता भीम सिंह ने इस कार्रवाई को सरकार व पुलिस की धक्केशाही करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह जन आंदोलन और तेज होगा। पुलिस लक्खा सिधाना, मोहनजीत शेरो और अन्यों को अज्ञात जगह ले गई है। 

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पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने बताया कि धरना शांतिमय था, लेकिन कुछ लोगों ने दलजीत सिंह की मौत को लेकर प्रदर्शन कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि दलजीत सिंह की मौत नशे की ओवरडोज से नहीं, बल्कि रंजिश या कत्ल का मामला है। पुलिस ने तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

पुलिस का स्पष्टीकरण
पुलिस अधीक्षक चौधरी ने बताया कि दलजीत सिंह की लाश को कुछ व्यक्तियों ने माहौल खराब करने के लिए इस्तेमाल किया। पुलिस ने लाश को जिले के बाहर रखवाया है।

धरना जारी 
मंगलवार को भी मानसा में 15वें दिन धरना जारी रहा। शहरियों की मांग पर धरने का एक रास्ता आवागमन के लिए खोल दिया गया, जिससे सारा यातायात बहाल हुआ। झोटा के पिता भीम सिंह ने दोहराया कि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे तथा अन्य मांगों के लिखित प्रमाण तक अंतिम संस्कार या पोस्टमार्टम नहीं होगा। मंगलवार को सीबीआई की कोई गतिविधि नहीं दिखी, लेकिन मुल्जिम अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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