परिवार का कहना था कि उनके बेटे के शरीर पर कोई भी गोली का निशान नहीं है। उसका फेक एनकाउंटर किया गया है, जिसके चलते उन्होंने संस्कार करने से मना कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी अमोलक सिंह मौके पर पहुंचे और परिवार को आश्वासन दिलाया कि वह उनके साथ हैं।
पीलीभीत में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए तीनों आतंकियों के शव बुधवार को कलानौर लाए गए। आरोपी जश्नप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) निवासी निक्का शहूर, गुरविंदर सिंह (25) पुत्र गुरदेव सिंह निवासी कलानौर और वरिंदर सिंह उर्फ रवि (23) पुत्र रणजीत सिंह गांव अगवान के रहने वाले थे। तीनों काफी गरीब परिवारों से संबंधित थे।
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बुधवार को तीनों के शवों का उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि यूपी से गुरदासपुर आते समय जिस एंबुलेंस में शवों को लाया जा रहा था, वह रास्ते में हादसाग्रस्त हो गई। इसके चलते शवों को गुरदासपुर पहुंचने में समय लगा। गांव निक्का शहूर निवासी मृतक जश्नप्रीत सिंह का शव जब परिवार को सौंपा गया, तो परिवार द्वारा शव की जांच करने के बाद उसका अंतिम संस्कार रोक दिया गया।
परिवार का कहना था कि उनके बेटे के शरीर पर कोई भी गोली का निशान नहीं है। उसका फेक एनकाउंटर किया गया है, जिसके चलते उन्होंने संस्कार करने से मना कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी अमोलक सिंह मौके पर पहुंचे और परिवार को आश्वासन दिलाया कि वह उनके साथ हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा। इसके बाद परिवार सहमत हुआ और मृतक का संस्कार कर दिया गया।
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मृतक गुरविंदर सिंह के पिता गुरदेव सिंह ने कहा कि पंजाब में बढ़ रहे नशे के चलते नौजवान गलत रास्ते पर चल रहे हैं। अगर नौजवान पीढ़ी को बचाना है, तो नशे पर लगाम लगानी होगी। मृतक गुरविंदर सिंह के संस्कार से पहले उसकी चचेरी बहनों की ओर से उसे सेहरा बांधा गया। इसी तरह वरिंदर सिंह का गांव अगवान में पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार करवा दिया गया।