पंजाब में इन दिनों भले दिन में धूप खिल रहे है, लेकिन रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात का तापमान चार डिग्री तक पहुंच रहा है। वहीं, भारी ठंड की वजह से सूबे में मौत भी हुई है। लुधियाना के जगरांव में एक व्यक्ति की मौत हुई है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले दिनों में ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। क्योंकि अब अगले कुछ दिन ठंड के साथ धुंध का डबल अटैक होने वाला है।
मौसम विभाग ने पंजाब में बुधवार से चार दिन घनी धुंध पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सबसे कम 3.8 डिग्री का न्यूनतम पारा मोगा का दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार व वीरवार को पंजाब में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश पड़
ने की संभावना है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।
मंगलवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री, लुधियाना का 20.6 डिग्री, पटियाला का 21.2 डिग्री, बठिंडा का 18.0 डिग्री, बरनाला का 19.4 डिग्री, गुरदासपुर का 17.5 डिग्री, 23.1 डिग्री का सबसे अधिक तापमान फरीदकोट का और जालंधर का 19.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 4.2 डिग्री, लुधियाना का 7.9 डिग्री, पटियाला का 5.8 डिग्री (सामान्य से 0.8 डिग्री नीचे), पठानकोट का 4.6 डिग्री, बठिंडा का 5.5 डिग्री, जालंधर का 6.7 डिग्री दर्ज किया गया।
जगरांव में ठंड से मौत, पहचान नहीं
पंजाब के जगरांव शहर में कड़ाके की ठंड ने एक व्यक्ति की जान ले ली। लाजपत राय रोड स्थित पोस्ट ऑफिस के पास सोमवार की सुबह एक व्यक्ति का शव मिला। थाना सिटी के एएसआई बलविंदर सिंह के अनुसार, मृतक दिन भर लोहड़ी मांगता रहा और रात को एक दुकान के बाहर सो गया, जहां ठंड के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
पैरों में चप्पल तक नहीं
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक मानसिक रूप से परेशान लग रहा था। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। मृतक के पैरों में चप्पल तक नहीं थी और वह सिर्फ पैंट पहने हुए था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए सरकारी अस्पताल में 72 घंटों के लिए रखवा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यदि इस दौरान मृतक की पहचान हो जाती है तो पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अगर पहचान नहीं होती है तो पुलिस स्वयं उसका अंतिम संस्कार करेगी। यह घटना ठंड के मौसम में बेघर लोगों की दुर्दशा को दर्शाती है, जिन्हें रात में सुरक्षित आश्रय की सख्त जरूरत होती है।