बठिंडा पुलिस की पीसीआर टीम के एएसआई राजिंदर सिंह, एएसआई नरिंदर सिंह, सीनियर कांस्टेबल जसवंत सिंह और सीनियर कांस्टेबल हरपाल कौर को सम्मानित किया गया है।
डीजीपी पंजाब गाैरव यादव ने एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि बठिंडा की पीसीआर टीम के सदस्यों ने बहिमन पुल के पास सरहिंद नहर में कार गिरने के बाद पांच बच्चों सहित ग्यारह लोगों के एक परिवार को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। उनकी निडर और त्वरित कार्रवाई ने एक त्रासदी को टाल दिया। उनकी वीरता पंजाब पुलिस की सच्ची भावना को दर्शाती है।
उन्हें महानिदेशक के प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये प्रत्येक के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पंजाब पुलिस उनकी अनुकरणीय सेवा को सलाम करता है और आशा करता है कि उनके कार्य प्रत्येक पुलिस अधिकारी को हमारे लोगों के लिए कर्तव्य से बढ़कर कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
यह है मामला
बठिंडा के बहमन पुल के पास बुधवार सुबह एक कार नहर में गिर गई। कार में सवार एक ही परिवार के 11 सदस्य, जिनमें छह बच्चे और पांच बड़े शामिल थे, अचानक होंडा अमेज कार के बेकाबू होने के कारण नहर में गिर गए। वहीं, पास में खड़े पीसीआर के पंजाब पुलिसकर्मी जसवंत सिंह ने दिलेरी दिखाते हुए नहर में कूदकर कार सवार बच्चों एवं बड़ों को बाहर निकाला। इससे सभी की जान बच गई। जिस पुलिस कर्मी ने नहर में छलांग लगाकर सभी की जान बचाई उसे तैरना तक नहीं आता था, लेकिन डूबते हुए बच्चों में पुलिसकर्मी को अपनी बेटी दिखाई दी तो तुरंत नहर में छलांग लगा दी।
जसवंत सिंह का बुधवार को ही जन्मदिन था। जब यह हादसा हुआ तो वो अपने पॉइंट पर तैनात था। इसी दौरान उसने देखा कि एक कार नहर में गिर गई और उसमें बच्चें व बड़े शामिल थे, जो बचाओ-बचाओ का शोर मचा रहे थे। जसवंत सिंह ने बताया कि जब बच्चों की आवाज उसके कान में पहुंची तो उन बच्चों में उन्हें अपनी बेटी दिखाई दी। इस कारण बिना कुछ सोचे समझे नहर में छलांग लगाकर सभी बच्चों एवं बड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जसवंत ने बताया कि उसे तैरना नहीं आता था, लेकिन उसके दिमाग में चल रहा था कि उसकी बच्ची नहर में डूब रही है, जिसे हर हाल में बचाना है। उन्होंने बताया कि अपने जन्मदिन पर इससे बड़ा और क्या काम हो सकता है। ड्यूटी के साथ आज उन्होंने समाज सेवा में भी अहम योगदान पाया है।