प्रताप बाजवा ने सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और खेल संबंधी आदान-प्रदान बिना रोक-टोक जारी रह सकते हैं, तो श्रद्धालुओं की यात्रा क्यों रोकी जाती है। उन्होंने इसे भेदभाव बताते हुए कहा कि पंजाब और सिख परंपराओं को बार-बार राजनीतिक हितों की भेंट चढ़ा दिया जाता है।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ननकाना साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस वर्ष गुरु नानक देव की जयंती पर सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब जाने से रोक दिया गया है।
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बाजवा ने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था की अनदेखी करना निराशाजनक है। उन्होंने जोर दिया कि ननकाना साहिब का जत्था केवल सरहद पार की यात्रा नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा है, जो दुनिया भर के सिख समुदाय को उनकी आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सिख श्रद्धालुओं को ननकाना साहिब जाने की सुरक्षित अनुमति दी जाए। बाजवा ने लिखा कि यह सिर्फ धर्म का मामला नहीं, बल्कि आस्था, विरासत और लोगों के अधिकारों के सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस संवेदनशील विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर फैसला लेगी। इसे लेकर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी गृह मंत्री को पत्र लिखा है।