खालिस्तानी आतंकवादी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई
छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी मनाई जाएगी। इससे पहले ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एम विंग एक्टिव हो गया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार आईएसआई ने यूके, यूएस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और वैंकूवर में खालिस्तान समर्थकों और टेरर मॉड्यूल के जरिए इन जगहों पर भारत सरकार के ऑपरेशन ब्लू स्टार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और रैली
की प्लानिंग की है।
इसी के साथ आईएसआई का एम विंग खालिस्तान समर्थकों के जरिए एक बार फिर पंजाब में अपने आतंकी मॉड्यूल को एक्टिव करने की फिराक में है। इनपुट के मुताबिक एम विंग कई खालिस्तान समर्थकों और टेरर मॉड्यूल ग्रुप के जरिए ऑपरेशन ब्लू स्टार के खिलाफ नई डॉक्यूमेंटरी बनाकर उसे सोशल मीडिया ग्रुप पर टैग कर पंजाब को अशांत करने की कोशिश में जुट गया है।
ऐसा कर वह एक बार फिर चरमपंथियों और खालिस्तान समर्थकों की विचारधाराओं को भड़काकर टेरर मॉड्यूल को नई दिशा देने की फिराक में है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को देखते हुए देश व राज्य विरोधी गतिविधियों को कोई अंजाम न दे सके, इसके लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। राज्य भर में स्पेशल चेकिंग की जा रही है। श्री हरिमंदिर साहिब में 1200 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
कार्यवाहक जत्थेदार को कौम के नाम संदेश जारी नहीं करने देंगे दमदमी टकसाल के मुखी
इस बार ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान दमदमी टकसाल के मुखी बाबा हरनाम सिंह धुम्मा और विभिन्न पंथक जत्थेबंदियों ने एलान किया है कि उनके कार्यकर्ता एसजीपीसी की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब के नियुक्त किए गए कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज को सिख कौम के नाम संदेश जारी नहीं करने देंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि जत्थेदार गडगज्ज की नियुक्ति पंथक परंपराओं के
अनुसार नहीं हुई है। गौरतलब है कि तख्त पटना साहिब ने जत्थेदार गडगज्ज को तनखाइया घोषित किया गया है।