इस साल 5 फरवरी को जब अमेरिकी प्रशासन का सी-17 सैन्य विमान डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों को लेकर अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा था तो यह घटना देश भर में सुर्खियां बनी थी। एक के बाद बाद कई दिन तक यह सिलसिला चलता रहा। डिपोर्ट होकर लौटे युवाओं ने विदेश जाने के लिए दोबारा कभी गलत तरीका न अपनाने की शपथ ली। उनके अभिभावकों ने भी यही कसम खाई कि भले कुछ भी हो जाए, वे अपने बच्चों को फिर कभी विदेश नहीं भेजेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 जुलाई को पंजाब व हरियाणा में कई जगह छापे मारे। कुछ 18 ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जांच में जो खुलासा हुआ, उसके अनुसार ईडी को बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व विभिन्न देशों की नकली मुहरें, वीजा से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। जांच के मुताबिक फर्जी इमिग्रेशन स्टांप और विदेशी वीजा स्टांप का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में हेरफेर किया जाता है। हवाला के जरिये करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है। एजेंट इस पैसे से अवैध संपत्तियां खरीद रहीं हैं। अवैध इमिग्रेशन व डंकी रूट से जुड़े इस नेटवर्क में बिचौलिए, ट्रैवल एजेंट, भारतीय और विदेश के नागरिक शामिल हैं।
शहर केस
मोहाली 398
जालंधर 375
होशियारपुर 293
पटियाला 235
लुधियाना 228
अमृतसर 188
जालंधर (ग्रामीण) 141
नवांशहर 127
(पंजाब में तीन वर्षों में ट्रैवल एजेंटों पर 3225 मामले दर्ज किए गए हैं।)
शहर केस
जालंधर 294
अमृतसर 141
होशियारपुर 110
मोहाली 287
लुधियाना 161
फरवरी में अमेरिका ने पंजाब से कुल 131 युवाओं को डिपोर्ट किया।
मार्च से मई के बीच अमेरिका से 332 भारतीय डिपोर्ट हुए इनमें 126 पंजाब के थे।
26 लाख रुपये ठगे, नहीं भेजा विदेश
लुधियाना में अलग-अलग चार मामलों में ट्रैवल एजेंटों ने 26 लाख रुपये ठग लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा। लुधियाना के न्यू अमर नगर निवासी इंद्रजीत सिंह से न्यू शिवाजी नगर निवासी जसविंदर कौर ने खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। जसविंदर कौर ने एक लाख 66 हजार रुपये लेने के बावजूद उसे विदेश नहीं भेजा।
इसी तरह धांधरा के सतजोत नगर इलाके के राजेश मल्होत्रा की शिकायत पर हरियाणा के सोनीपत स्थित मोहल्ला कलां निवासी जिगल किशोर और उसके बेटे राहुल कुमार के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। सात लाख 33 हजार रुपये लेने के बावजूद वीजा नहीं लगवाया।
बाजड़ा इलाके के रूपविंदर सिंह की शिकायत पर मोहाली के सेक्टर-38 निवासी ट्रैवल एजेंट अमनदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। रूपविंदर सिंह ने बताया कि अमनदीप ने विदेश भेजने के नाम पर उससे 19 लाख 60 हजार रुपये लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।
दशमेश नगर निवासी मंजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश सेठी, गौतम, अमन गिल, तिवाड़ी, गुरप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मंजीत सिंह का बेटा विदेश में जाकर सेटल होना चाहता था। आरोपियों ने उसके बेटे को विदेश में वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर उससे सात लाख पांच हजार रुपये ले लिए।
अमेरिका बता कर कई देशों में घुमाया, 38 लाख हड़पे
गुरदासपुर की जसबीर कौर निवासी नैनोकोट ने बताया कि उसका बेटा विदेश जाकर आजीविका कमाना चाहता था। आरोपियों ने उनके बेटे तेजपाल सिंह को अमेरिका भेजने के नाम पर 38.24 लाख रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद उनके बेटे को अमेरिका भेजने की जगह पर विभिन्न देशों में घुमाया गया। तेजपाल सिंह काफी समय तक परेशान होने के बाद घर लौट आया। पुलिस ने आरोपी राहुल मिन्हास निवासी बागड़ियां थाना भैणी मियां खां, शाहबाज खां निवासी जितवाल कलां जिला मालेरकोटला, हरमनदीप सिंह, अमृतपाल सिंह निवासी माखेवाल थाना झुनीर मानसा और चमकौर सिंह निवासी चीमा जिला संगरूर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
फर्जी वर्क परमिट पर भेज 60 लाख की चपत लगाई
वर्क परमिट पर विदेश भेजकर वहां सेटल करवाने का झांसा देकर लुधियाना के कारोबारी से 60 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने मॉडल टाउन निवासी हरदीप की शिकायत पर मोहल्ला ताजगंज निवासी ट्रैवल एजेंट हरपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हरदीप सिंह ने बताया कि वह विदेश जाना चाहता था। आरोपी के साथ उसकी मुलाकात किसी ने करवाई थी। आरोपी ने उसे विदेश में वर्क परमिट दिलाने और वहीं सेटल करवाने का झांसा दिया। आरोपी ने उससे साठ लाख रुपये ले लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।
मोहल्ला बाबा दीप सिंह नगर निवासी सुरिंदर कुमार की शिकायत पर शिमलापुरी के मठाड़ू चौक निवासी जतिंदर कुमार और ऑक्सफोर्ड वीजा दफ्तर के बलजीत सिंह व प्रीतम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सुरिंदर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है कि वह अपनी बहू और पोते को कनाडा भेजना चाहता था। इसके लिए आरोपियों को साढ़े छह लाख रुपये दिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।