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एनसीआरबी रिपोर्ट: पंजाब में हर डेढ़ घंटे में एक सड़क हादसा, दो घंटे में एक माैत; लापरवाही बन रही मौत की वजह

Wed, 13 May 2026 03:03 PM IST
Nivedita राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रदेश में तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है। रिपोर्ट के अनुसार मोटरसाइकिल हादसों में सबसे ज्यादा 2979 लोगों की मौत हुई जबकि 1874 लोग घायल हुए। एसयूवी, कार और जीप से जुड़े हादसों में 492 लोगों की जान गई और 658 लोग घायल हुए।
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Accident Demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब की सड़कों पर सफर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। प्रदेश में हर डेढ़ घंटे में एक सड़क हादसा हो रहा है जबकि लगभग हर दो घंटे में एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाही सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रही है।
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रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में सड़क हादसों की संख्या में मामूली कमी आई लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ गया। वर्ष 2023 में प्रदेश में 6276 सड़क हादसे हुए थे जिनमें 4906 लोगों की मौत हुई थी और 3305 लोग घायल हुए थे। वहीं वर्ष 2024 में 6166 हादसे दर्ज किए गए लेकिन मरने वालों की संख्या बढ़कर 4936 पहुंच गई। इस दौरान 3407 लोग घायल हुए।

लुधियाना और अमृतसर में भी हालात चिंताजनक हैं। लुधियाना में वर्ष 2024 के दौरान 483 सड़क हादसों में 376 लोगों की मौत हुई जबकि 199 लोग घायल हुए। अमृतसर में 111 हादसों में 78 लोगों की जान गई और 57 लोग घायल हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग और व्यावसायिक वाहनों की कमजोर निगरानी हादसों के बड़े कारण हैं।

तेज रफ्तार ले रही लोगों की जान

प्रदेश में तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है। रिपोर्ट के अनुसार मोटरसाइकिल हादसों में सबसे ज्यादा 2979 लोगों की मौत हुई जबकि 1874 लोग घायल हुए। एसयूवी, कार और जीप से जुड़े हादसों में 492 लोगों की जान गई और 658 लोग घायल हुए। ट्रैक्टर हादसों में 70 लोगों की मौत और 58 लोग घायल हुए। प्रदेश में हर साल वाहनों की संख्या बढ़ रही है और लग्जरी वाहनों का बढ़ता चलन भी हादसों की बड़ी वजह माना जा रहा है।

शाम 6 से रात 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा हादसे

एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक सड़क हादसों का सबसे खतरनाक समय है। वर्ष 2024 में इन तीन घंटों के दौरान 1661 हादसे हुए। इसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक 1077 हादसे दर्ज किए गए।

सड़क सुरक्षा फोर्स से घायलों को मिल रही तुरंत मदद

सड़क हादसों में घायलों को समय पर सहायता देने के लिए पंजाब सरकार ने 2024 में सड़क सुरक्षा फोर्स बनाई थी। राज्यभर में हर 30 किलोमीटर पर इसकी टीमें तैनात हैं। सरकार का दावा है कि हाईटेक उपकरणों और महिला कर्मियों से लैस यह फोर्स दुर्घटना की सूचना मिलने के 5 से 7 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचती है और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद कर रही है।
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