आयोग ने संगरूर के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में मामले की निष्पक्ष जांच, पुलिस कार्रवाई, एफआईआर, संबंधित धाराओं, आरोपियों की गिरफ्तारी और चार्जशीट की जानकारी मांगी गई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संगरूर में एक दलित युवक की मौत के मामले में जांच शुरू कर दी है। आयोग ने पंजाब प्रशासन और पुलिस से 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। यह कार्रवाई पूर्व विधायक और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अंगुराल की शिकायत पर की गई है।
विज्ञापन
आयोग ने संगरूर के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में मामले की निष्पक्ष जांच, पुलिस कार्रवाई, एफआईआर, संबंधित धाराओं, आरोपियों की गिरफ्तारी और चार्जशीट की जानकारी मांगी गई है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिए जाने संबंधी विवरण भी मांगा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत संबंधित अधिकारियों को समन जारी कर सकता है।
न्याय और पारदर्शिता की मांग
शीतल अंगुराल ने कहा कि उनका उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने जोर दिया कि अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों के अधिकारों की रक्षा सांविधानिक जिम्मेदारी है। अंगुराल ने कहा कि यदि लापरवाही हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप से मामले की जांच में तेजी आएगी।