आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि बरनाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहित जिला पुलिस की भूमिका की भी आयोग अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत जांच करेगा। मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वे पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से कथित बल प्रयोग, घटना की परिस्थितियों तथा उससे जुड़े सभी तथ्यों पर आधारित सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने को कहें।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
हरदीप सिंह गिल ने यह भी अपेक्षा जताई कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की हर स्थिति में रक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि जांच के दौरान कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आंदोलन के शांतिपूर्ण एवं शीघ्र समाधान के लिए सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक संवाद शुरू किया जाए।
उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने अपने पत्र में कहा कि आयोग को विश्वास है कि पंजाब सरकार के मुख्य सचिव इस मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप सफाई कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेंगे। आयोग ने दोहराया कि सफाई कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर आयोग इस मामले की आगे भी निगरानी करता रहेगा।