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Highcourt: गोल्डी बराड़ के इशारे पर अदालत परिसर में रची हत्या की साजिश, आरोपी को जमानत से हाईकोर्ट का इन्कार

Sat, 18 Jul 2026 01:58 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अदालत ने कहा कि न्यायालय परिसर के भीतर हत्या की योजना बनाना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है। यह न्याय व्यवस्था और कानून के शासन को चुनौती देने जैसा है। ऐसे मामले समाज में भय और आतंक का माहौल पैदा करते हैं इसलिए प्रथम दृष्टया इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
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court new - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के इशारे पर अदालत परिसर में हत्या की कथित साजिश के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया। 

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अदालत ने इस मामले को न्याय व्यवस्था और कानून के शासन पर सीधा हमला बताया है। यह फैसला गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दिया गया।

अदालत ने कहा कि न्यायालय परिसर के भीतर हत्या की योजना बनाना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है। यह न्याय व्यवस्था और कानून के शासन को चुनौती देने जैसा है। ऐसे मामले समाज में भय और आतंक का माहौल पैदा करते हैं इसलिए प्रथम दृष्टया इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। आरोपी ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है। आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और वह लंबे समय से जेल में बंद है।

राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक संगठित आपराधिक और आतंकी साजिश का हिस्सा है। जांच में गोल्डी बराड़ से जुड़े नेटवर्क के साक्ष्य मिले हैं। अभियोजन ने आरोपी के रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई।
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जमानत से इन्कार का आधार
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन किया। अदालत ने कहा कि यूएपीए की धारा 43-डी(5) के तहत जमानत देने के लिए यह संतुष्टि आवश्यक है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं होने चाहिए। इस चरण पर आरोपी को राहत देने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण ट्रायल कोर्ट में होगा।
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न्यायिक संस्थाओं पर प्रभाव
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अदालत परिसर में हत्या की साजिश जैसी घटनाएं न्यायिक संस्थाओं में लोगों का विश्वास कमजोर करती हैं। यदि ऐसी वारदात को अंजाम देने वालों के प्रति नरमी बरती जाए तो इससे कानून के शासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समाज की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

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