चंडीगढ़ के रामदरबार फेज-2 में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय भवन में मजदूर निर्माण कार्य कर रहे थे। इमारत गिरने से सात मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से पांच को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दो लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने पांच घंटे बाद मलबे से निकाला जिनमें से दोनों की मौत हो गई है।
हादसा रामदरबार फेज-2 स्थित प्लॉट नंबर 28/9 में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। वहीं, बाद में एनडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
इन लोगों को सुरक्षित निकाला गया बाहर
अब तक मलबे से कुलदीप, कुलबीर, उमेश, राहुल और अजीत को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उनकी हालत के बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पांच घंटे बाद निकाले गए दो लोग
मलबे में फंसे दो अन्य लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई थी जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद पांच घंटे बाद निकाला जा सका जिनमें दोनों की मौत हो गई।
मौके पर मौजूद एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : संवाद
देरी से पहुंची एनडीआरएफ की टीम
जानकारी के मुताबिक एनडीआरएफ की टीम को सूचना देरी से मिली। वहीं, सूचना मिलने के बाद टीम हेलोमाजरा में कुछ देर तक जाम में फंसी रही। बताया जा रहा है कि टीम घटनास्थल पर शाम सवा सात बजे पहुंची जबकि इमारत शाम को सवा चार बजे गिर गई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती टीम
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भरभराकर गिरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक तेज आवाज के साथ पूरी इमारत कुछ ही सेकेंड में भरभराकर गिर गई। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धूल का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। बता दें कि शनिवार दोपहर से शहर में लगातार बारिश हो रही थी जिसके बाद ये हादसा हुआ।
प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माणाधीन इमारत किस वजह से गिरी और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।