राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का कहना है कि भारत ने जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, उससे पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। पाकिस्तान अपनी आतंकी गतिविधियों और कायराना हरकतों को तुरंत बंद करे, वरना उसे इतिहास के सबसे कठोर परिणाम भुगतने होंगे।
सांसद राघव चड्ढा ने पाकिस्तान की लगातार आतंकी गतिविधियों और सीमा पर कायराना हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा ये सच्चाई है कि आप दोस्त बदल सकते हैं, मगर पड़ोसी नहीं! और अगर पड़ोसी पाकिस्तान जैसा हो, तो उसे ठीक करने के लिए कठोर दंड देना हमारा पहला कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज न केवल पाकिस्तान, बल्कि क्रूरता, बर्बरता और आतंकी मानसिकता के खिलाफ जंग लड़ रहा है।
उन्होंने भारतीय सेना की वीरता की सराहना करते हुए कहा हमारी सेना जिस अद्भुत शौर्य से लड़ रही है, उससे साफ है कि इस बार आतंकवाद का खात्मा होकर रहेगा। हमें अपने सैनिकों की सलामती की दुआ करनी है और उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ा होना है।
राघव चड्ढा ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने निहत्थे नागरिकों पर क्रूरता से हमला किया। उन्होंने कहा यह मानवता पर कलंक था। हमने भी अपने मां-बहनों के सिंदूर का बदला ऑपरेशन सिंदूर की पहली किश्त से लिया, जिसमें हमारी सेना ने आतंकियों को उनके अड्डों में घुसकर सबक सिखाया।
राघव चड्ढा ने भारतीय सेना की तीनों शाखाओं-थल सेना, नौसेना और वायुसेना की तारीफ की, जो पूरे दमखम के साथ पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिला रही हैं। उन्होंने कहा हमारी मिसाइलें और फाइटर जेट पाकिस्तान की छाती पर गरज रहे हैं। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम उनकी मिसाइलों और ड्रोंस को मच्छर की तरह मसल रहा है।
उन्होंने कहा जिन आतंकवादियों ने रहम की भीख मांगती मांओं के सामने उनके कलेजे के टुकड़ों को छीना था, जिन आतंकवादियों ने पुलवामा से लेकर उड़ी तक हमारे लोगों पर नापाक नजर डाली थी,
जिन आतंकवादियों ने 2008 में मुंबई में हमारे सैकड़ों निहत्थे और बेकसूर लोगों की बलि ली थी, जिन आतंकवादियों ने 2001 में हमारे लोकतंत्र के मंदिर संसद पर घिनौना हमला किया था, जिन आतंकवादियों ने 1993 में हमारी आर्थिक राजधानी मुंबई को सीरियल ब्लास्ट से दहला दिया था उन आतंकवादियों और उनकी नफरत भरी मानसिकता को हमारी सेना पूरे दम-खम के साथ नेस्तनाबूद करने में जुटी है। हमें बस एकजुट रहना है, हर मुसीबत में देश की कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनना है। आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई हमारी एकता और संकल्प से और मजबूत होगी।
राघव चड्ढा ने पाकिस्तान को उसका इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि पाकिस्तान की स्मृति कमजोर है, इसलिए समय-समय पर उसे याद दिलाना पड़ता है। उन्होंने 1971 के युद्ध का जिक्र किया, जब भारत ने पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों को घुटनों पर लाकर बंग्लादेश का निर्माण किया। उन्होंने 1984 के सियाचिन ऑपरेशन और 1999 के कारगिल युद्ध का भी उल्लेख किया, जब भारत ने पाकिस्तान के नापाक इरादों को धूल में मिला दिया।
राघव चड्ढा ने देशवासियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारा धर्म, हमारी जाति, हमारी राजनीति या हमारा नेता चाहे कोई भी हो, सबसे पहले हम हिंदुस्तानी हैं। अगर कोई हमारी मातृभूमि की ओर आंख उठाएगा, तो हम सब मिलकर जवाब देंगे।