खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह इस समय डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। वह खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बना है लेकिन जेल में होने के कारण वह लोकसभा की कार्रवाई में हिस्सा नहीं ले पा रहा था। इस बाबत उसने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह की 54 दिनों की छुट्टी को संसद की समिति ने मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने यह जानकारी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दी है। छुट्टी मंजूर होने के बाद वह सांसद बने रहेंगे। यदि उनकी छुट्टी मंजूर न होती तो 60 दिन तक अनुपस्थित रहने के चलते उनकी लोकसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया जाता।
विज्ञापन
उधर, अमृतपाल सिंह के वकील ने अदालत से कहा कि उन्हें लोकसभा सत्र में शामिल होने की भी इजाजत दी जाए। इस पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दो आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि इन दोनों आदेशों में सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया था कि कोई भी आरोपी जो कस्टडी में या डिटेंशन में उसे सेशन में शामिल होने की इजाजत नहीं है।
हाईकोर्ट के समक्ष एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन ने लोकसभा सचिवालय की ओर से 11 मार्च को जारी पत्र पेश किया। हाईकोर्ट को बताया गया कि अमृतपाल की 24 जून 2024 से 2 जुलाई 2024, 22 जुलाई 2024 से 9 अगस्त 2024, 25 नवंबर 2024 से 20 दिसंबर 2024 तक की छुट्टी मंजूर कर दी गई है। खंडपीठ ने कहा कि याची को संसद से निष्कासन की आशंका थी लेकिन इस पत्र से उसकी चिंता दूर हो गई है। अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में सांसद निधि से जुड़े स्थानीय विकास कार्यों के लिए अधिकारियों और मंत्रियों से मिलने की अनुमति मांगी थी, जिस पर खंडपीठ ने कहा कि संसद की कार्यवाही कुछ निश्चित नियमों के तहत चलती है इसलिए उचित होगा कि याची इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दे।
अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख हैं। वह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी याचिका में लोकसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि उनकी लगातार अनुपस्थिति उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनके क्षेत्र की जनता बिना प्रतिनिधित्व के रह रही है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि उनकी अनुपस्थिति 60 दिनों से अधिक हो जाती है तो उनकी सीट खाली घोषित की जा सकती है। इससे लगभग 19 लाख मतदाताओं पर प्रभाव पड़ेगा।