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मोगा थाना ग्रेनेड हमला: मुख्य आरोपी और चार महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार, कोर्ट ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

Sun, 19 Jul 2026 06:51 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मोंगा

सार

यह सनसनीखेज वारदात 8 जुलाई की सुबह घटित हुई थी। मोगा-फिरोजपुर रोड पर स्थित सदर थाने को निशाना बनाकर सुबह करीब 3:15 बजे एक जोरदार धमाका किया गया। सूत्रों के मुताबिक, दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात युवक थाने के बाहर पहुंचे और उन्होंने अंदर हैंड ग्रेनेड फेंक दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल गया।
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धमाके के बाद जांच - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब के मोगा जिला अंतर्गत सदर थाने पर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मोगा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सख्त आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है।

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सभी आरोपी फिरोजपुर के निवासी, पांच दिन का मिला रिमांड
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी पड़ोसी जिले फिरोजपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सभी 13 आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और आगे की पूछताछ के लिए सभी आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब इनसे हमले के पीछे के मास्टरमाइंड और टेरर लिंक को लेकर पूछताछ करेगी।

क्या था पूरा मामला?
यह सनसनीखेज वारदात 8 जुलाई की सुबह घटित हुई थी। मोगा-फिरोजपुर रोड पर स्थित सदर थाने को निशाना बनाकर सुबह करीब 3:15 बजे एक जोरदार धमाका किया गया। सूत्रों के मुताबिक, दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात युवक थाने के बाहर पहुंचे और उन्होंने अंदर हैंड ग्रेनेड फेंक दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि विस्फोट में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड कम क्षमता (लो-इंटेंसिटी) का था, जिसके कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और न ही कोई पुलिसकर्मी हताहत हुआ।

हमले के बाद छावनी में बदला था थाना
धमाके के तुरंत बाद थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और फौरन वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की इत्तिला दी।

सुरक्षा घेरा और फोरेंसिक जांच: सूचना मिलते ही आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत थाने का मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) बंद कर दिया गया।

साक्ष्य जुटाए गए: मामले की जांच के लिए स्पेशल फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई घंटों तक बारूद और धमाके से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।
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शुरुआती दौर में पुलिस अधिकारियों ने कैमरे के सामने इस ग्रेनेड हमले की आधिकारिक पुष्टि करने से परहेज किया था, लेकिन यूएपीए के तहत हुई इन 13 गिरफ्तारियों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सोची-समझी आतंकी या असामाजिक गतिविधि मानकर जांच कर रही हैं। रिमांड के दौरान इस हमले के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा होने की उम्मीद है।
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