गांव रंसीकला के सरपंच प्रीत इंदरपाल सिंह मिंटू
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पंजाब में नशा बड़ी समस्या है। ऐसे में नशे को खत्म करने व युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए गांव की पंचायतें भी आगे आ रही हैं। पंजाब के मोगा की एक पंचायत ने नशे के खिलाफ सराहनीय पहल की है। गांव रंसीकला पंचायत के सरपंच और पंचों ने बड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस पहल के मुताबिक नशा छोड़ने वाले युवाओं व परिवारों की सहायता के लिए कदम बढ़ाए हैं।
गांव रंसीकलां के तीसरी बार सरपंच बने प्रीत इंदरपाल सिंह मिंटू ने गांव को पूरी तरह नशा मुक्त करने की एक सराहनीय मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत परिवार 31 मई तक नशा छोड़ देंगे उन्हें 11000 रुपये इनाम और प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। 31 मई के बाद नाम दर्ज कराने वाले परिवारों को 5100 और प्रशंसा पत्र मिलेगा। इसके अतिरिक्त इलाज की अवधि के दौरान नशा छोड़ने वालों को हर महीने 1100 की पोषण सहायता भी दी जाएगी। गांव रंसीकला पंजाब का पहला गांव है जहां नशा मुक्ति के लिए इस तरह की मुहिम शुरू की है।
गांव रंसीकलां में अपना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जिसमें प्रतिदिन लगभग 4 लाख लीटर गंदे पानी को ट्रीट कर खेती के लिए इस्तेमाल करता है। यहां महाराजा रणजीत सिंह के नाम से लाइब्रेरी भी है। लाइब्रेरी में पढ़ने वालों को पढ़ाई के लिए पैसे दिए जाते हैं। गांववासियों का प्रति घर एक लाख रुपये का बीमा कराया गया है। प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत लोगों को प्लास्टिक के बदले गुड़ और चावल वितरित किए जाते हैं। गांव के प्रत्येक घर से एकत्रित कचरे के बदले में पैसा दिया जाता है, जिससे स्वच्छता को बढ़ावा मिल रहा है।
गांव के सरपंच प्रीत इंदरपाल सिंह मिंटू ने बताया कि गांव रंसीकला को पंजाब के मॉडल गांव नाम से जाना जाता है। गांव रंसीकला की पंचायत को दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार, पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार और गौरव ग्राम सभा पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। इसके अलावा बीते गांव रंसीकला वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब बेस्ट पोंड अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
सरपंच मिंटू ने बताया कि गांववासियों के भरोसे से वह तीसरी बार सरपंच बने हैं। सरकार की तरफ से शुरू किए गए नशा विरोधी अभियान के अंतर्गत, रंसीकला पंचायत ने संकल्प लिया है कि पूरे गांव को शराब, तंबाकू, मेडिकल नशा और चिट्टे (नशीले पदार्थों) से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। गांव में न कोई शराब का ठेका है और न ही दुकानों पर बीड़ी या तंबाकू बिकता है। ऐसे में अब पंचायत ने फैसला लिया है कि नशा छोड़ने वाले परिवारों को इनाम भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं जिनके पास रोजगार नहीं है, पंचायत उन्हें रोजगार देने की जिम्मेदारी भी उठाएगी। गांव रंसीकला पंजाब का पहला ऐसा गांव बन जाएगा जो नशा छोड़ने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता और रोजगार प्रदान करेगा।