पंजाब के मोगा में नाबालिग बेटी के साथ सात साल तक दुष्कर्म करने वाले पिता को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उसे 20 साल की सजा सुनाई है। बच्ची ने चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिये पिता के खिलाफ शिकायत दी थी।
नाबालिग बेटी को डरा धमाकर लगभग सात साल तक उसका शारीरिक शोषण करने वाले पिता को मोगा कोर्ट ने दोषी करार दिया है। दोषी ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म जैसी घिनोनी और बाप-बेटी के रिश्ते को शर्मसार करने देने वाली वारदात की थी। बच्ची के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन मददगार साबित हुई और अदालत ने दोषी पिता को 20 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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थाना निहाल सिंह वाला पुलिस के अनुसार 6 सितंबर 2024 को थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग लड़की ने शिकायत में बताया कि उसके पिता ने वर्ष 2015 से सितंबर 2022 तक उसका शारीरिक शोषण किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देता था। इतना ही नहीं उसके साथ मारपीट भी करता था। लड़की जब भी दादा-दादी या चाचा-चाची के पास सोने को कहती तो पिता उसके साथ मारपीट कर अपने साथ कमरे में ले जाता था और अंदर से कमरे को ताला लगाकर रखता था।
पीड़िता की मां की मौत के बाद से लगातार सात साल तक उसका पिता बच्ची के साथ शारीरिक शोषण करता रहा। इसके बाद दादा-दादी के कहने पर वह ननिहाल घर आ गई, उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पीड़िता ने कहा कि वह अपने पिता को उसकी घिनौनी हरकतों की सजा दिलवाना चाहती थी। डेढ़ साल बाद उसने स्कूल की किताब में लिखे चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। पीड़िता ने 2 सितंबर 2024 को चाइल्ड हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। 5 सितंबर 2024 को बठिंडा महिला पुलिस थाने में उसके बयान दर्ज किए जाने के बाद जीरो एफआईआर दर्ज की गई। अब इस मामले में मोगा जिला अदालत ने दोषी के खिलाफ सजा पर फैसला सुनाया है।