विधायक परगट सिंह ने भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी के रंग में बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर खेलों को राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया है।
भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान और ओलंपियन विधायक परगट सिंह ने भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी के रंग में बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, दशकों से भारतीय हॉकी टीम नीले रंग की जर्सी पहनती आई है और यह रंग देश की खेल पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जर्सी का रंग बदलकर भगवा करना खेलों को राजनीति से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
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परगट सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार हर क्षेत्र में अपनी वैचारिक सोच थोपने की कोशिश कर रही है और अब खेलों को भी इससे अछूता नहीं छोड़ा जा रहा। उन्होंने कहा कि खेलों का उद्देश्य देश को जोड़ना, खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करना है, न कि उन्हें राजनीतिक विचारधारा का माध्यम बनाना।
उन्होंने कहा कि सरकार को खिलाड़ियों की जर्सी के रंग बदलने के बजाय खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने, आधुनिक खेल उपकरण देने और खिलाड़ियों को बेहतर आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग देने पर ध्यान देना चाहिए। यही कदम भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने में सहायक होंगे।
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परगट ने कहा, खेलों का कोई धर्म, जाति या राजनीतिक रंग नहीं होता। खेल केवल खेल भावना, अनुशासन, प्रतिभा और राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक हैं। इसलिए सरकार को खेलों को राजनीति से दूर रखते हुए खिलाड़ियों के हितों और खेलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।