किसान नेता कोटड़ा ने कहा कि खन्नौरी बॉर्डर पर जिन नजदीकी गांवों या गुरुघरों से लंगर आता है, वहां संदेश भेजा गया है कि मंगलवार को लंगर लेकर न आएं। इसके साथ ही खन्नौरी बॉर्डर पर भी लंगर नहीं बनेगा।डल्लेवाल सोमवार को नहाए नहीं और न ही गुरु घर गए। मंच पर भी नहीं आ सके। इसलिए अपने नेता की इस हालत में बाकी किसान कैसे लंगर छक सकते हैं। इसलिए सामूहिक भूख ह़ड़ताल का फैसला लिया है और इसके जरिये केंद्र सरकार के खिलाफ भी रोष जताया जाएगा।
दिलबाग सिंह की हालत ठीक नहीं
पंधेर ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शंभू बॉर्डर पर लगातार हरियाणा पुलिस व सुरक्षा बलों की ओर से किसान नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। शुक्रवार को दिल्ली कूच करने गए जत्थे में शामिल किसान नेता सुरजीत सिंह फूल को घायल किया गया। वहीं रविवार को रेस्क्यू टीम में शामिल किसान नेता दिलबाग सिंह को घायल किया गया। दिलबाग सिंह की हालत ठीक नहीं है और उन्हें इमरजेंसी में शिफ्ट किया जा रहा है।
किसान पीछे हटने वाले नहीं- पंधेर
पंधेर ने कहा कि केंद्र के मंत्री आए दिन उल्टे सीधे बयान देते रहते हैं। यही वजह है कि मोदी सरकार ने लोगों में अपना विश्वास खो दिया है। हरियाणा व पंजाब पुलिस प्रशासन ने किसानों से समय मांगा था, उन्हें दे दिया। अब अगर बातचीत का न्योता आता है, तो बहुत अच्छा है। लेकिन अगर नहीं आता है, तो फिर मंगलवार को दोनों फोरमों की ओर से बैठक में विचार करने के बाद दिल्ली कूच पर फैसला लिया जाएगा। किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। हर हाल में अपनी मांगों को केंद्र से मनवा कर ही रहेंगे। पंधेर ने पंजाब के सभी गायकों व प्रसिद्ध शख्सियतों से बॉर्डरों पर अपनी मांगों को लेकर महीनों से बैठे किसानों के हक में आगे आकर आवाज बुलंद करने की अपील भी की।
राजनीति भी तेज
किसान आंदोलन पर पंजाब में राजनीति भी तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि किसान बस यही मांग रहे हैं कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी दी जाए। लेकिन केंद्र का व्यवहार ठीक नहीं है। किसानों पर लाठीचार्ज हो रहा है और उन्हें दिल्ली नहीं जाने दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने भी एमएसपी पर कानूनी गारंटी का मामला उठाया है। अगर हमें मौका मिला तो हम संसद में शून्यकाल या प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाएंगे। कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां कॉरपोरेट समर्थक और किसान विरोधी हैं। हमें उनसे कोई उम्मीद और अपेक्षा नहीं है। वहीं पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार को आगे आकर किसानों से बात करनी चाहिए।